UCC in MP : मध्य प्रदेश में यूसीसी की तैयारी तेज, विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में पेश होगा समान नागरिक संहिता विधेयक

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC in MP) लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि आगामी विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC in MP) का मसौदा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पहले जगदीशपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित कर ड्राफ्ट को मंजूरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश एक देश-एक विधान-एक निशान और एक कानून की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
निजी स्कूल छोड़ सांदीपनि विद्यालयों में बढ़ रहा छात्रों का रुझान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय (Sandipani School MP) अब गुणवत्तापूर्ण और सर्वसुविधायुक्त शिक्षा का नया मॉडल बनकर उभर रहे हैं। यही वजह है कि विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय सांदीपनि विद्यालय (Sandipani School MP) में प्रवेश ले रहे हैं। सरकार विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें, साइकिल, 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्रों को लैपटॉप तथा स्कूल टॉपर को स्कूटी भी उपलब्ध करा रही है।
कटनी में दो नए सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण
सांदीपनि विद्यालय (Sandipani School MP) के विस्तार के तहत मुख्यमंत्री ने कटनी जिले के झिंझरी और बहोरीबंद में नए विद्यालयों का लोकार्पण किया। झिंझरी विद्यालय 38.61 करोड़ रुपये और बहोरीबंद विद्यालय 35.63 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हुआ है। आधुनिक सुविधाओं से लैस ये विद्यालय गुरुकुल परंपरा और डिजिटल शिक्षा का समन्वय प्रस्तुत करेंगे।
स्लीमनाबाद टनल से कई जिलों को मिलेगा सिंचाई और पेयजल का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल परियोजना (Sleemanabad Tunnel Project) बघेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात साबित होगी। लगभग 1400 करोड़ रुपये की इस परियोजना से रीवा, सतना, मैहर, पन्ना और कटनी में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही स्लीमनाबाद टनल परियोजना (Sleemanabad Tunnel Project) का लोकार्पण भी किया जाएगा।
रक्षाबंधन पर फिर मिलेगी 1500 रुपये की राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। उन्होंने गुरुपूर्णिमा महोत्सव को भव्य रूप से मनाने की भी घोषणा की और विश्वविद्यालयों में कुलपति के लिए “कुलगुरु” संबोधन की परंपरा शुरू करने की जानकारी दी।



