Balodabazar Violence : बलौदाबाजार हिंसा मामले में अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत, जमानत मंजूर
बलौदाबाजार हिंसा मामले में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी (Balodabazar Violence) राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए रिहाई का रास्ता साफ कर दिया है। इस फैसले के साथ ही मामले के दो अन्य सह-आरोपियों को भी राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल के साथ सह-आरोपी अजय यादव और दिनेश वर्मा को भी जमानत दे दी। इससे पहले एक अन्य मामले में भी अमित बघेल को जमानत मिल चुकी थी। अब इस आदेश के बाद उनके जेल से बाहर आने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हाईकोर्ट का आदेश किया निरस्त Balodabazar Violence
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी बी सुरेश और अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा। राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अन्य आरोपी लंबे समय से जेल में हैं और अमित बघेल की हिरासत अवधि अपेक्षाकृत कम रही है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि केवल हिरासत की अवधि कम होना जमानत खारिज करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता। अदालत ने इसी आधार पर हाईकोर्ट का आदेश निरस्त करते हुए जमानत मंजूर कर ली।
चार्जशीट दाखिल होने का मिला लाभ
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और मामले में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। सभी आवश्यक दस्तावेज रिकॉर्ड पर मौजूद (Balodabazar Violence) हैं। अदालत ने इस पहलू को भी ध्यान में रखते हुए माना कि ऐसे में आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना उचित नहीं होगा।
मुख्य साजिशकर्ता होने के आरोप पर भी हुई चर्चा
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने अमित बघेल को हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता बताया था, लेकिन इस दावे के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत देने का फैसला सुनाया।
क्या है बलौदाबाजार हिंसा मामला
10 जून 2024 को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में एक सामाजिक मुद्दे को लेकर प्रदर्शन आयोजित (Balodabazar Violence) किया गया था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ उग्र हो गई और कलेक्टोरेट तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। इस दौरान कई सरकारी वाहन जल गए और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
घटना के बाद पुलिस ने अमित बघेल, अजय यादव, दिनेश वर्मा समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद तीनों आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से अब उन्हें जमानत मिल गई।



