ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण (Rural Employment) कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में ऐसी योजना को मंजूरी दी गई है जिसका उद्देश्य गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ विकास कार्यों को भी नई गति देना है। फैसले के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सरकार का मानना है कि रोजगार, आधारभूत ढांचा और डिजिटल व्यवस्था को एक साथ जोड़कर गांवों में विकास की नई संभावनाएं तैयार की जा सकती हैं। इसी सोच के साथ नई योजना के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई है।
नई योजना को मंत्रिपरिषद की मंजूरी Rural Employment
मंत्रिपरिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, सशक्तीकरण, विभागीय योजनाओं के बेहतर समन्वय और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के लिए विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन ग्रामीण यानी वीबी जी राम जी योजना छत्तीसगढ़ के प्रारूप को मंजूरी दी है। यह योजना भारत सरकार के अधिनियम 2025 के अनुरूप लागू की जाएगी और इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी।
125 दिनों के रोजगार की गारंटी
योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस तक अकुशल श्रम आधारित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
इन कार्यों पर रहेगा फोकस
नई योजना के माध्यम से जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण और आजीविकामूलक परिसंपत्तियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित करने और दीर्घकालिक विकास कार्यों को बढ़ावा देने का लक्ष्य भी रखा गया है।
पंचायत आधारित विकास को मिलेगा बढ़ावा
योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत आधारित समेकित विकास मॉडल को प्राथमिकता दी जाएगी। विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण के साथ पीएम गति शक्ति पहल से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को एकीकृत तरीके से लागू कर बेहतर परिणाम हासिल करना है।
डिजिटल तकनीक से होगी निगरानी
विकास कार्यों की योजना, निगरानी और क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणालियों का उपयोग (Rural Employment) किया जाएगा। इसके माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंच सके।
4000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
योजना के क्रियान्वयन में केंद्र और राज्य सरकार के व्यय का अनुपात 60 और 40 रहेगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में इस योजना हेतु 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे विभिन्न विकास और रोजगार संबंधी गतिविधियों को संचालित किया जाएगा।



