देश

Rahul Gandhi Lok Sabha : छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सदन में गरमाई बहस, राहुल गांधी के दावे पर मंत्री ने मांगा सबूत

संसद में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान बुधवार को माहौल अचानक (Rahul Gandhi Lok Sabha) गर्म हो गया। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई कार्रवाई को लेकर लोकसभा में आरोप प्रत्यारोप का दौर चला, जिसके बाद सदन में कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान पर सत्ता पक्ष ने तत्काल आपत्ति जताई और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उनसे अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज पेश करने की मांग कर दी।

छात्रों के प्रदर्शन का राहुल गांधी ने किया समर्थन Rahul Gandhi Lok Sabha

राहुल गांधी ने कहा कि जंतर मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन नफरत या हिंसा से प्रेरित नहीं था, बल्कि देश के युवाओं की भावनाओं की अभिव्यक्ति था। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें उचित थीं और सभी राजनीतिक दलों को उनकी बात सुननी चाहिए। उनके अनुसार युवाओं में सच को जानने और समझने की इच्छा होती है और देश को इस भावना का सम्मान करना चाहिए।

बयान के दौरान असंसदीय शब्द पर हुआ विवाद

भाषण के दौरान राहुल गांधी ने एक टिप्पणी की, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे असंसदीय बताते हुए विरोध दर्ज कराया। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यदि कोई शब्द असंसदीय पाया जाएगा तो उसे कार्यवाही से हटा दिया जाएगा। अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से संसदीय मर्यादा का पालन करने की भी अपील की।

शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर भी उठाए सवाल Rahul Gandhi Lok Sabha

राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में निजी संस्थाओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर सरकार से तीखा सवाल

अपने भाषण में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों पर बल प्रयोग गृह मंत्री अमित शाह (Rahul Gandhi Lok Sabha) के आदेश पर हुआ। इस बयान पर किरेन रिजिजू ने तत्काल आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई आदेश दिया गया था तो उसकी प्रति सदन में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण इस तरह का आरोप लगाना उचित नहीं है।

अध्यक्ष ने बिल पर चर्चा तक सीमित रहने की दी सलाह

लोकसभा अध्यक्ष ने बहस के दौरान कई बार हस्तक्षेप करते (Rahul Gandhi Lok Sabha) हुए राहुल गांधी से विधेयक के विषय पर ही अपनी बात रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले की जांच की मांग करनी है तो वह संसदीय प्रक्रिया के तहत की जा सकती है, लेकिन बिना साक्ष्य किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने से बचना चाहिए।

Related Articles

Back to top button