Pension Update : पेंशनरों ने सरकार को फिर दी चेतावनी, अधिकार नहीं मिले तो पूरे प्रदेश में होगा बड़ा आंदोलन

रायपुर में आयोजित पेंशनरों की बैठक में शुक्रवार को अलग ही माहौल देखने (Pension Update) को मिला। प्रदेशभर से पहुंचे सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने लंबित मामलों और मांगों को लेकर काफी मुखर नजर आए। बैठक स्थल पर लगातार इसी बात की चर्चा होती रही कि आखिर वर्षों से लंबित राहत और बकाया भुगतान पर अब तक फैसला क्यों नहीं लिया गया।
बैठक के दौरान कई पदाधिकारियों ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई। पेंशनरों का कहना था कि अलग अलग मामलों में दोहरी व्यवस्था अपनाने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है। सभा में मौजूद लोगों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आगे बड़ा आंदोलन करने के संकेत भी दिए।
बैठक में पारित हुए 17 प्रस्ताव : Pension Update
भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ की प्रथम प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक रायपुर के विमतारा भवन में आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के अलग अलग जिलों से आए पदाधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व आईएएस अनुराग पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर की। प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने पेंशनरों के हितों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने की बात कही।
सरकार के सामने रखी कई बड़ी मांगें
बैठक में सर्वसम्मति से 17 प्रस्ताव पारित किए गए। महासंघ ने केंद्र सरकार के समान एक जनवरी 2026 से दो प्रतिशत महंगाई राहत लागू करने की मांग उठाई। इसके अलावा पेंशन मामलों में दोहरी नीति खत्म करने और धारा 49(6) की बाध्यता समाप्त करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
एरियर भुगतान और इलाज सुविधा की मांग
महासंघ ने 88 माह के लंबित महंगाई राहत एरियर के अंतरिम भुगतान की मांग (Pension Update) भी उठाई। साथ ही पेंशनरों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की बात कही गई। बैठक में छठवें और सातवें वेतनमान से जुड़े क्रमशः 36 और 32 महीने के एरियर भुगतान का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया गया।
बिलासपुर में होगी अगली बैठक
महासंघ ने स्पष्ट कहा कि यदि मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि अगली प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक सितंबर 2026 में बिलासपुर में आयोजित की जाएगी।



