छत्तीसगढ़

स्मार्ट टीवी बताकर साधारण टीवी बेचा, 6% ब्याज समेत लौटानी होगी पूरी राशि

उपभोक्ता आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स संचालक को 45 दिन में भुगतान का दिया आदेश, मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय भी देना होगा

रायपुर। स्मार्ट टीवी बताकर साधारण टीवी बेचने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने रायपुर के शारदा चौक स्थित श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स के संचालक को ग्राहक से ली गई टीवी की पूरी राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ 45 दिनों के भीतर लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा मानसिक क्षतिपूर्ति, वाद व्यय और अधिवक्ता शुल्क के रूप में 5-5 हजार रुपये भी भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।

 गोबरा नवापारा निवासी पूनम दास मानिकपुरी ने 7 मई 2022 को श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स से क्राउन कंपनी का 30 इंच का टीवी 5,500 रुपये में खरीदा था। परिवादी के अनुसार दुकान संचालक श्याम नवानी और सुनील नवानी ने टीवी को वाई-फाई कनेक्शन वाला स्मार्ट टीवी बताकर बेचा था। घर ले जाकर टीवी चालू करने पर पता चला कि वह स्मार्ट टीवी नहीं बल्कि सामान्य टीवी था। परिवादी का यह भी आरोप था कि उसे पक्का बिल और वारंटी कार्ड नहीं दिया गया।

वापस लेने की बात कहकर बाद में मुकर गए

टीवी की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद परिवादी ने दुकानदार से संपर्क किया और टीवी वापस लेने को कहा। आरोप है कि शुरुआत में टीवी वापस लेने की बात कही गई, लेकिन बाद में दुकानदार इससे मुकर गए। इसके बाद परिवादी ने मई 2022 में ही विधिक सूचना पत्र भेजा और उपभोक्ता आयोग की शरण ली।

 दुकानदार का तर्क आयोग ने किया खारिज

मामले में दुकानदार की ओर से बचाव में कहा गया कि 5,500 रुपये केवल सामान्य टीवी की कीमत थी। स्मार्ट टीवी के लिए अलग से स्मार्ट बाक्स और 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करना था, जिसके बाद कुल कीमत 8,260 रुपये होती। दुकानदार ने यह भी तर्क दिया कि परिवादी ने करीब एक महीने बाद शिकायत की।

आयोग ने दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद विक्रेता का तर्क स्वीकार नहीं किया। आयोग ने पाया कि विक्रेता यह साबित करने में असफल रहा कि दी गई रसीद में स्मार्ट बाक्स या जीएसटी का कोई अलग उल्लेख किया गया था। आयोग ने माना कि कच्चे बिल के आधार पर साधारण टीवी को स्मार्ट टीवी बताकर बेचना और बाद में उसे वापस नहीं लेना अनुचित व्यापार व्यवहार एवं सेवा में कमी की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर आयोग ने विक्रेता को टीवी की पूरी राशि 6 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति, वाद व्यय और अधिवक्ता शुल्क के रूप में अलग-अलग 5-5 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।

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