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Monsoon Update : जुलाई की शुरुआत में मेहरबान होगा मॉनसून, किसानों के लिए राहत की खबर, खरीफ फसलों की बुवाई पकड़ेगी रफ्तार

देशभर के किसान लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार (Monsoon Update) कर रहे हैं और अब मौसम विभाग का ताजा अनुमान राहत लेकर आया है। जुलाई की शुरुआत के साथ ही दक्षिण पश्चिम मॉनसून के पूरे देश में सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इससे खेतों में बुवाई का काम तेज होने की उम्मीद है और खरीफ सीजन को नई गति मिल सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। खासकर मध्य भारत, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मॉनसून मजबूत होने के संकेत हैं। अच्छी बारिश से धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और दलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों को सबसे अधिक फायदा मिलने की संभावना है।

जुलाई के पहले सप्ताह में बढ़ेगी बारिश Monsoon Update

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 2 से 8 जुलाई के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इस दौरान सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है, जिससे खेती के काम में तेजी आएगी।

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बनने वाला चक्रवाती परिसंचरण मॉनसून को और मजबूत कर सकता है। इसका असर मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में देखने को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों को राहत

आने वाले दिनों में मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। वहीं 29 जून से 6 जुलाई के बीच मध्य भारत, ओडिशा, विदर्भ, उत्तरी आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिमी तट के कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कोंकण, मुंबई, गोवा, केरल और तटीय कर्नाटक में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

कुछ इलाकों में कम रह सकती है बारिश

मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि पूर्वी तमिलनाडु, उत्तरी गुजरात, उत्तर पश्चिमी राजस्थान और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हो सकती (Monsoon Update) है। हालांकि अधिकांश कृषि क्षेत्रों में बारिश की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद जताई गई है।

पंजाब और हरियाणा के किसानों को भी राहत

6 से 13 जुलाई के बीच दक्षिणी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ सहित कई इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इससे धान की रोपाई में तेजी आएगी और किसानों की सिंचाई लागत भी कम हो सकती है। अच्छी बारिश होने पर खेती का खर्च घटने के साथ उत्पादन बढ़ने की भी उम्मीद है।

जुलाई के आखिर में बदल सकते हैं हालात

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त की शुरुआत में देश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश कमजोर पड़ सकती है। राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिमी तटीय क्षेत्रों और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई (Monsoon Update) गई है। इसलिए किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने और उसी के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।

किसानों को क्या करना चाहिए

मौसम विभाग ने किसानों से कहा है कि जहां पर्याप्त बारिश शुरू हो चुकी है वहां खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई का कार्य समय पर पूरा करें। साथ ही स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती की योजना बनाएं, ताकि अच्छी वर्षा का पूरा लाभ मिल सके।

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