प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों को लेकर लंबे समय से चल रही तैयारी अब अंतिम दौर में पहुंचती (Medical College) दिखाई दे रही है। स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियां तेज हो गई हैं और अधिकारियों का पूरा ध्यान राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की प्रक्रिया समय पर पूरी कराने पर है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो इस शैक्षणिक सत्र से मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों में से कुछ को जल्द मंजूरी मिल जाएगी। इससे नए छात्रों के लिए प्रवेश का रास्ता खुलेगा और प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का दायरा भी पहले से अधिक मजबूत होगा।
पांच नए मेडिकल कॉलेजों का हो चुका है निरीक्षण Medical College
कवर्धा, जांजगीर चांपा, मनेंद्रगढ़, दंतेवाड़ा और कुनकुरी जशपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों का राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की टीम निरीक्षण कर चुकी है। निरीक्षण के दौरान भवन, अस्पताल, फैकल्टी, उपकरण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का आकलन किया गया। अब आयोग निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय करेगा।
तीन कॉलेजों को मिल सकती है मान्यता
स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि पांच प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों में से कम से कम तीन को चालू शैक्षणिक सत्र से मान्यता मिल सकती है। यदि ऐसा होता है तो इन संस्थानों में इसी सत्र से नए विद्यार्थियों का प्रवेश शुरू किया जा सकेगा।
सभी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा विभाग
सरकार राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की सभी आवश्यक औपचारिकताओं को समय पर पूरा कराने में जुटी हुई है। हाल के दिनों में विभिन्न कॉलेजों के लिए प्राध्यापकों की नियुक्तियां भी की गई हैं। कवर्धा में आठ, मनेंद्रगढ़ में छह, जांजगीर चांपा में पांच, दंतेवाड़ा में चार और कुनकुरी जशपुर में तीन प्राध्यापकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही भवन निर्माण कार्य में भी तेजी लाई गई है।
सरकार के लिए अहम मानी जा रही परियोजना
प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विधानसभा क्षेत्रों में भी एक एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया (Medical College) जा रहा है। ऐसे में इन परियोजनाओं को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में माना जा रहा है। समय पर मान्यता मिलने से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्वीकृत भवन निर्माण राशि
मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज 323.03 करोड़ रुपये
कवर्धा मेडिकल कॉलेज 318.27 करोड़ रुपये
जांजगीर चांपा मेडिकल कॉलेज 318.27 करोड़ रुपये
दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज 326.53 करोड़ रुपये
कुनकुरी मेडिकल कॉलेज 359 करोड़ रुपये



