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महाकुंभ भगदड़: सांस फूली, बैरिकेड्स टूटे; गंगा तट पर आधी रात को क्या हुआ ?

प्रयागराज। mahakumbh stampede: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में बुधवार को एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। भगदड़ रात 1.30 बजे हुई। उनके दृश्य चौंकाने वाले हैं। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं से गंगा तट खचाखच भर गए हैं। बुधवार को एक बुरी घटना घटी, जिससे भक्तिमय माहौल खराब हो गया। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर करोड़ों श्रद्धालु गंगा में पवित्र डुबकी लगाने प्रयागराज आए। त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करने के लिए भीड़ अचानक बढ़ गई। इससे श्रद्धालुओं को घुटन होने लगी। कई लोगों की सांस फूलने लगी और भीड़ के कारण लगाए गए बैरिकेड टूट गए।

जैसे ही बैरिकेड्स टूटे, लोग अचानक भागने लगे और भीड़ (mahakumbh stampede) ने कई लोगों को दब गए। भगदड़ की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। 50 से अधिक एम्बुलेंस बुलाई गईं। महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ और अराजकता के कारण कई लोगों की मौत हो गई। जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार भगदड़ में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। कई लोग घायल हो गये हैं। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

दुर्घटना के बाद त्रिवेणी संगम क्षेत्र का दृश्य भयावह था। कई लोग अपने साथ जो सामग्री और कपड़े लाए थे, वे सब ढेर में पड़े थे। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया उनका दिल टूट गया। कई लोग भीड़ में अपने लोगों को ढूंढ रहे थे। इस बीच, अधिकारी भीड़ में खोए लोगों को उनके प्रियजनों तक पहुंचाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद कर रहे थे।

भगदड़ में मारे गए लोगों के शवों को प्रयागराज के सीएमओ मेडिकल कॉलेज के शवगृह में ले जाया गया। उनकी पहचान करने का काम चल रहा है। इस घटना के बाद पवित्र स्नान के लिए आ रहे श्रद्धालुओं के जत्थों को जहां थे, वहीं रोक दिया गया है। स्थिति में सुधार होने पर श्रद्धालुओं को पवित्र स्नान के लिए घाटों की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। अब यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानी बरती जा रही है कि क्षमता से अधिक लोगों को त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करने की अनुमति न दी जाए।

भगदड़ के बावजूद मौनी अमावस्या के शुभ मुहूर्त पर स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पर आ रहे हैं। संत-महंत लोगों से संगम स्नान के लिए न आने की अपील कर रहे हैं। महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हो गया है। तब से लेकर 29 जनवरी तक 20 करोड़ लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। अनुमान है कि मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आएंगे।

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