Iran Funeral : खामेनेई की अंतिम विदाई को लेकर बड़ा खुलासा, जानिए किस दिन होगा समारोह और कहां मिलेगी अंतिम विश्राम स्थली

तेहरान और देश के अन्य बड़े शहरों में इन दिनों एक ही विषय सबसे ज्यादा (Iran Funeral) चर्चा में है। लोगों के बीच दिवंगत सर्वोच्च नेता की अंतिम विदाई को लेकर लगातार बातचीत हो रही है। शांति वार्ता और क्षेत्रीय तनाव के बीच अब सबकी नजर उन कार्यक्रमों पर टिकी है जिनमें उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी जाएगी।
राजधानी के धार्मिक और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज है। प्रशासनिक तैयारियों के साथ आम नागरिकों में भी उत्सुकता बनी हुई है। इसी बीच अधिकारियों ने अंतिम विदाई समारोह, जुलूस और दफन की पूरी रूपरेखा सार्वजनिक कर दी है, जिससे लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
अंतिम विदाई कार्यक्रम की तारीखें तय : Iran Funeral
ईरानी अधिकारियों की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में 4 और 5 जुलाई को तेहरान स्थित इमाम खुमैनी प्रार्थना स्थल पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 6 जुलाई को राजधानी में एक बड़ा जुलूस निकाला जाएगा।
पवित्र तीर्थस्थल में होगा दफन
कार्यक्रमों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में और 9 जुलाई को मशहद में श्रद्धांजलि समारोह रखे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार खामेनेई के पार्थिव शरीर को मशहद स्थित इमाम रज़ा के पवित्र तीर्थस्थल में सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।
हवाई हमले में हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी 2026 को हुआ था। उस दौरान हुए संयुक्त अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में कई वरिष्ठ ईरानी नेताओं के साथ उनकी भी मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद मोज्तबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुना गया।
युद्ध की बरसी पर श्रद्धांजलि
दूसरी ओर देश के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने पिछले वर्ष हुए 12 दिवसीय युद्ध की बरसी पर युद्ध में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि (Iran Funeral) अर्पित की। उन्होंने कहा कि बाहरी दबावों का विरोध जारी रहेगा और देश अपने संकल्प पर कायम रहेगा।
नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप
संघर्ष की शुरुआत के एक वर्ष पूरे होने पर ग़ालिबफ़ ने अमेरिका और इजरायल पर युद्ध के दौरान नागरिकों और बच्चों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान पर हुए हमलों में निर्दोष लोगों की जान गई और कई परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि देश अंतिम सफलता तक दृढ़ रहेगा। युद्ध में मारे गए लोगों की स्मृति से प्रेरणा लेते हुए ईरान अपनी प्रतिष्ठा और भविष्य की रक्षा के लिए संकल्पित रहेगा।



