छत्तीसगढ़

Helmet Campaign : 807 मौतों के बाद जशपुर पुलिस का बड़ा अभियान, एक दिन में 766 गांवों में लगी हेलमेट चौपाल

जशपुर जिले में सड़क हादसों में लगातार हो रही मौतों को लेकर पुलिस ने बुधवार को ऐसा अभियान (Helmet Campaign ) चलाया, जिसकी चर्चा पूरे जिले में रही। सुबह से ही गांव गांव में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी लोगों के बीच पहुंचे। हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व को समझाने के साथ लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी अभियान में भाग लिया।

सड़क सुरक्षा को लेकर शुरू किए गए इस विशेष अभियान का मकसद लोगों की सोच बदलना और हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है। पुलिस का दावा है कि जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ हेलमेट जागरूकता चौपाल आयोजित की गई, जिसे विश्व स्तर पर भी पहचान मिली है।

एक साथ 766 गांवों में लगी हेलमेट चौपाल Helmet Campaign

जशपुर पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि रोकने के लिए जिले के सभी 766 गांवों में एक साथ हेलमेट जागरूकता जन चौपाल का आयोजन किया। हर गांव में पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने के लिए प्रेरित किया तथा यातायात नियमों का पालन करने की शपथ भी दिलाई।

400 ग्राम सभाओं में पारित हुआ प्रस्ताव

अभियान के दौरान जिले की 400 से अधिक ग्राम सभाओं में यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने का प्रस्ताव भी पारित कराया गया। पुलिस का मानना है कि ग्राम पंचायतों की भागीदारी से सड़क सुरक्षा का संदेश अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में मिली जगह

जशपुर पुलिस के इस विशेष अभियान को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान (Helmet Campaign) मिला है। पुलिस के अनुसार एक ही दिन में इतने बड़े स्तर पर गांवों में जागरूकता चौपाल आयोजित किए जाने के कारण यह उपलब्धि दर्ज की गई।

साल के अंत तक 50 मौतें कम करने का लक्ष्य

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 311 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने वर्ष 2026 के अंत तक इस आंकड़े में कम से कम 50 मौतों की कमी लाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

पहले भी चलाए गए कई अभियान

एसएसपी ने बताया कि अभियान की शुरुआत कार्यभार संभालने के बाद ही कर दी गई थी। जिले के सभी थाना और चौकियों से 30 बाइक रैलियां निकाली गईं। वाहन जांच के दौरान 60 हजार वाहन चालकों से ऑनलाइन सात संकल्प भरवाए गए, जिनमें हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने की शपथ शामिल थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित करीब 3000 जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क सुरक्षा का संदेश दिलाकर उसे इंटरनेट माध्यमों पर साझा किया गया।

जागरूकता के बाद होगी सख्ती

पुलिस का कहना है कि फिलहाल लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में पंपलेट वितरण अभियान चलाकर नए यातायात नियमों और जुर्माने की जानकारी (Helmet Campaign) दी जाएगी। अभियान के अंतिम चरण में हेलमेट नहीं पहनने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर विशेष कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में वाहन जब्त कर चालान भरने या हेलमेट खरीदने का विकल्प भी दिया जाएगा।

अभियान के प्रमुख आंकड़े

ढाई साल में सड़क दुर्घटनाओं में मौतें: 807

हेलमेट जागरूकता बाइक रैली: 30

ऑनलाइन सात संकल्प भरने वाले वाहन चालक: 60000

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अपील: 3000

एक दिन में आयोजित जागरूकता चौपाल: 766

ग्राम सभाओं में पारित प्रस्ताव: 400

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