छत्तीसगढ़

Constitution Day : आपातकाल को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान, लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान पर कही अहम बात

देश में 25 जून को आपातकाल की बरसी के अवसर पर लोकतंत्र और संविधान को लेकर एक बार फिर चर्चा (Constitution Day) तेज हो गई। इस मौके पर कई राजनीतिक नेताओं ने अपने विचार रखे। छत्तीसगढ़ में भी इस दिन को लेकर राजनीतिक बयान सामने आए और लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को याद किया गया।

राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आपातकाल के दौर को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण और दुखद अध्याय बताते हुए लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को याद किया।

आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय Constitution Day

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में देश में आपातकाल लागू किया गया, जिसे उन्होंने भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उनके अनुसार उस दौर में संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचा और नागरिक अधिकारों पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए।

लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को किया याद

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान मीसा जैसे कानूनों के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेल भेजा गया। इसके बावजूद उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखा और अपने साहस का परिचय दिया।

संविधान हत्या दिवस के निर्णय का स्वागत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित (Constitution Day) किया जाना लोकतंत्र सेनानियों और उस दौर में संघर्ष करने वाले लोगों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उनका कहना है कि इससे नई पीढ़ी देश के इतिहास के उस दौर से परिचित हो सकेगी।

सम्मान निधि बहाल करने का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को फिर से स्थापित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। पूर्व में बंद की गई सम्मान निधि को दोबारा शुरू किया गया, बकाया राशि का भुगतान किया गया और लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025 पारित कर उनके सम्मान को कानूनी संरक्षण दिया गया।

संविधान की रक्षा का लिया संकल्प

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराने का आह्वान (Constitution Day) किया।

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