स्कूलों के नए पाठ्यक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म (Education News) हो गया है। नौवीं कक्षा की नई किताब में किए गए बदलावों की चर्चा शिक्षा जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई है। एक तरफ इसे इतिहास और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने की पहल बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर इसे लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।
शिक्षा से जुड़े इस बदलाव पर अलग अलग राजनीतिक दल अपनी अपनी राय रख रहे हैं। नए विषयों को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चर्चा तेज है। इसी बीच भाजपा और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
नए पाठ्यक्रम पर आमने सामने भाजपा और कांग्रेस Education News
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की ओर से नौवीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक में बदलाव किए गए हैं। नई किताब के जरिए विद्यार्थियों को भारतीय आपातकाल और चारों वेदों से जुड़ी जानकारी पढ़ाई जाएगी। इसी फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
कांग्रेस ने जताया विरोध
रायपुर पहुंचे मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने नई किताब में आपातकाल को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई को राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है। उनका कहना था कि कांग्रेस ने देश को आईआईटी और एम्स जैसे संस्थान दिए, जबकि वर्तमान समय में नीट और सीबीएसई जैसी परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने भी कहा कि भाजपा शासित राज्यों में इतिहास को अपने नजरिए से प्रस्तुत किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री ने किया फैसले का समर्थन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय था। उनके अनुसार उस दौर में लोकतंत्र सेनानियों और पत्रकारों की स्वतंत्रता पर गंभीर असर पड़ा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को फिर से बहाल किया है। सम्मान निधि दोबारा शुरू की गई और लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक 2025 पारित कर उन्हें कानूनी संरक्षण भी दिया गया है। उन्होंने युवाओं से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की।
नई किताब में क्या पढ़ेंगे छात्र
नई पुस्तक के अनुसार नौवीं के विद्यार्थियों को पहली बार ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का परिचय कराया जाएगा। इसमें पंचमहाभूत की अवधारणा के माध्यम से प्रकृति और मानव जीवन के संबंधों को भी समझाया Education News गया है।
इसके साथ ही वर्ष 1975 में लागू आपातकाल से जुड़ा अध्याय भी अब नौवीं कक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा। इसमें आपातकाल की परिस्थितियों, सेंसरशिप और नागरिक स्वतंत्रताओं पर पड़े प्रभाव की जानकारी शामिल की गई है।



