Farmer Dialogue : खेती को नई दिशा देने की तैयारी, किसानों से संवाद में मुख्यमंत्री ने कही बड़ी बात

रायपुर में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम के दौरान किसानों के बीच अलग ही उत्साह देखने (Farmer Dialogue) को मिला। प्रदेश के कई जिलों से पहुंचे किसानों ने खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और नई तकनीकों को लेकर चर्चा की। कार्यक्रम में मौजूद किसानों के बीच खेती के बदलते स्वरूप और आधुनिक तरीकों को लेकर काफी रुचि दिखाई दी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों से आत्मीय बातचीत करते हुए खेती और ग्रामीण जीवन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। इस दौरान किसानों ने भी अपनी समस्याएं, सुझाव और अनुभव उनके सामने रखे।
किसान परिवार से जुड़ाव का किया जिक्र : Farmer Dialogue
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन भी किसान परिवार से जुड़ा रहा है। कम उम्र में ही उन्हें खेती और परिवार की जिम्मेदारियां संभालनी पड़ी थीं। इसी कारण वे किसानों की परेशानियों और जरूरतों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने बताया कि पहले खेती काफी हद तक बारिश पर निर्भर रहती थी, लेकिन अब तकनीक और आधुनिक संसाधनों ने कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है।
योजनाओं से बढ़ रहा किसानों का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ सीधे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। किसान सम्मान निधि, बिना ब्याज कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं और कृषि यंत्रीकरण जैसी पहल किसानों को मजबूती देने का काम कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि गांवों में किसानों से सीधे बातचीत के दौरान यह महसूस हुआ कि सरकारी योजनाओं का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है। किसानों में बढ़ता आत्मविश्वास इसी बदलाव का संकेत है।
ड्रोन तकनीक से बदल रही खेती
कार्यक्रम में शामिल ड्रोन संचालित करने वाली महिलाओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने आधुनिक कृषि में ड्रोन की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के छिड़काव में ड्रोन तकनीक काफी उपयोगी साबित हो रही है।
इस तकनीक से कम समय में बड़े क्षेत्र में काम किया (Farmer Dialogue) जा सकता है, जिससे लागत घटती है और कार्य क्षमता बढ़ती है। साथ ही महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
जैविक खेती को बताया भविष्य की जरूरत
मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक खेती और नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे उत्पादन क्षमता में सुधार के साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है। पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने और प्राकृतिक खेती के प्रति रुचि बढ़ाने का आग्रह किया।
खाद और बीज की उपलब्धता पर दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। किसानों को किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
फसल विविधीकरण से बढ़ेगी आय
कार्यक्रम में कई प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम की उन्नत खेती के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने किसानों को परंपरागत खेती के साथ बागवानी, प्राकृतिक खेती और अन्य आधुनिक कृषि गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
नई तकनीक अपनाने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा खेती को आधुनिक उद्यम के रूप में देख (Farmer Dialogue) रहा है, जो कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। राज्य सरकार कृषि कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने किसानों से नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच नहीं करने की अपील की। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच ही भविष्य में किसानों की समृद्धि का मजबूत आधार बनेगी।



