छत्तीसगढ़

Heavy Rain : अचानक बढ़े पानी ने मचाई तबाही, गांव डूबे, पुल बहा, कई इलाकों का संपर्क टूटा

सुबह का समय था और लोग रोजमर्रा के कामों में जुटने की तैयारी कर (Heavy Rain ) रहे थे। तभी कुछ ही घंटों में हालात ऐसे बदले कि कई गांवों में पानी घरों के भीतर पहुंच गया। खेत, बागान और सड़कें देखते ही देखते जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्थानीय प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है, जबकि प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए हैं।

निचले सुबनसिरी और केयी पन्योर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित Heavy Rain

तेज बारिश के कारण निचले सुबनसिरी और केयी पन्योर जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। मौसम विभाग के अनुसार सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच बेहद तीव्र वर्षा दर्ज की गई, जिससे नदियों और जलधाराओं का जलस्तर अचानक बढ़ गया। लुक्सिन गांव और तोरू सर्कल के अंतर्गत आने वाले यियी प्रथम और यियी द्वितीय गांवों में पानी तेजी से फैल गया। कई घरों और कृषि क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है।

घरों और फसलों को भारी नुकसान

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लुक्सिन गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। अनानास, केला और संतरे जैसी बागवानी फसलें भी बाढ़ की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को सामान समेटने तक का मौका नहीं मिला। कई खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।

यियी गांव में सबसे गंभीर स्थिति

यियी गांव बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा। बस्ती के बड़े हिस्से में पानी भर जाने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया (Heavy Rain ) गया। राहत की बात यह है कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

हाईवे पुल बहने से संपर्क बाधित

भारी बारिश और उफनती धाराओं के कारण केयी पन्योर जिले के याजाली क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख हाईवे पुल बह गया। इसके चलते कई इलाकों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। इसके अलावा पोसा स्थित एनईईपीसीओ कॉलोनी में भी भारी नुकसान की सूचना है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार करीब 15 आवासीय क्वार्टर प्रभावित हुए हैं।

बादल फटने जैसी बारिश बनी वजह

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति कई दिनों की सामान्य बारिश के बजाय कम समय में हुई अत्यधिक वर्षा (Heavy Rain) के कारण बनी। पहाड़ी इलाकों में अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे आने से नालों और नदियों में तेज बहाव पैदा हुआ, जिसने बाढ़ का रूप ले लिया।

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार मानसूनी गतिविधियों, संतृप्त मिट्टी और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ और भूस्खलन का खतरा अभी बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।

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