CG Monsoon Update : छत्तीसगढ़ में आज से फिर एक्टिव होगा मानसून, कई जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में दो दिन की बारिश रहित स्थिति के बाद बुधवार से मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर में सुबह से बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई।
48 घंटे तक नहीं हुई बारिश, 29% कम रहा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 48 घंटे के दौरान प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। 1 जून से 14 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से 29 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह स्थिति ब्रेक मानसून के कारण बनी, जिसमें मानसूनी तंत्र कमजोर पड़ जाता है और वर्षा देने वाले सिस्टम राज्य से दूर चले जाते हैं। हालांकि अब मौसम में बदलाव शुरू हो गया है और बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है।
रायपुर समेत कई जिलों में बारिश के आसार CG Monsoon Update
रायपुर में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में बिलासपुर का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजनांदगांव और पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा।
आधे जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे
प्रदेश के 32 जिलों में से 16 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश का सामना कर रहे हैं। वहीं 14 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में दर्ज की गई है और केवल एक जिले में सामान्य से बहुत अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की चाल धीमी होने से कई इलाकों में वर्षा का वितरण असमान बना हुआ है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश CG Monsoon Update
अब तक सबसे अधिक वर्षा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 462.5 मिमी दर्ज की गई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक है। वहीं मुंगेली में 331.8 मिमी बारिश के साथ सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, दुर्ग, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरबा, महासमुंद, नारायणपुर, रायपुर, राजनांदगांव, सक्ती और बिलासपुर में वर्षा सामान्य या उसके आसपास बनी हुई है।
किसानों के लिए अहम साबित होगी बारिश
विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों की बुआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। ऐसे में जिन जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है, वहां धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुआई और शुरुआती वृद्धि प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है।



