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Vaibhav Suryavanshi : बड़े भाई के बाद छोटे ने दिखाया दम, शतक लगाते ही घर में छाया जश्न का माहौल

बिहार के समस्तीपुर में इन दिनों एक और युवा क्रिकेटर की चर्चा तेज (Vaibhav Suryavanshi) हो गई है। मैदान पर शानदार बल्लेबाजी के बाद एक युवा खिलाड़ी ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खास बात यह है कि यह खिलाड़ी उस परिवार से आता है, जिसका एक सदस्य हाल ही में भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुका है।

शतक लगने की खबर सामने आते ही गांव और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल बन गया। परिवार के लोगों के साथ क्रिकेट प्रेमियों ने भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साह जताया। बड़े भाई की प्रतिक्रिया ने इस खुशी को और खास बना दिया।

स्थानीय मुकाबले में खेली शानदार पारी : Vaibhav Suryavanshi

समस्तीपुर में खेले गए एक स्थानीय अभ्यास मुकाबले में आशीर्वाद सूर्यवंशी ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। क्रिकेट अकादमी ताजपुर की ओर से खेलते हुए उन्होंने 87 गेंदों में 103 रन की शानदार पारी खेली। अपनी इस यादगार पारी के दौरान उन्होंने 20 चौके और एक छक्का लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 118.39 रहा, जिसने उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक दिखाई।

बड़े भाई ने जताई खुशी

आशीर्वाद के शतक के बाद सोशल मीडिया पर उनकी खूब चर्चा होने लगी। इस बीच बड़े भाई वैभव सूर्यवंशी ने भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने सामाजिक मंच पर विशेष संदेश साझा कर अपने छोटे भाई को बधाई दी और उसकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। यह प्रतिक्रिया क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई।

बड़े भाई पहले से बटोर रहे हैं सुर्खियां

वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारों में गिने जा रहे हैं। हाल ही में संपन्न प्रमुख टी20 प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा रन (Vaibhav Suryavanshi) बनाए थे। पूरे सत्र में उन्होंने 16 मुकाबलों में 776 रन बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया था। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें देशभर में नई पहचान दिलाई।

भारतीय टीम में मिली जगह

शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया। उनके चयन की खबर सामने आते ही समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई थी। गांव के लोगों ने मिठाइयां बांटकर और जश्न मनाकर अपनी खुशी जाहिर की थी। परिवार के लिए भी यह एक बेहद भावुक और गर्व का पल था।

परिवार में दिख रही क्रिकेट की चमक

वैभव के पिता ने पहले भी कहा था कि उनका बेटा बचपन से देश के लिए खेलने का सपना देखता था। अब वह सपना पूरा हो चुका है और परिवार की खुशियां दोगुनी (Vaibhav Suryavanshi) हो गई हैं। इसी बीच आशीर्वाद का यह शतक संकेत दे रहा है कि परिवार में क्रिकेट प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आने वाले वर्षों में वह भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

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