छत्तीसगढ़

पहले ही दिन राम पर रण, हंगामे में डूबा सदन

मंगलवार को साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस

चंदा-चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस का स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य, पोस्टर और नारेबाजी के बाद मंगलवार तक कार्यवाही स्थगित
मंगलवार को साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस
हेमन्त धोटे
रायपुर/नवप्रदेश। मानसून सत्र का पहला दिन अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा और चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गया। कांग्रेस ने इस मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाकर तत्काल चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे प्रत्यक्ष रूप से छत्तीसगढ़ से संबंधित विषय नहीं मानते हुए अस्वीकार कर दिया। स्थगन प्रस्ताव खारिज होते ही कांग्रेस विधायक पोस्टर दिखाकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष का कहना था कि राम मंदिर निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी बड़ी संख्या में चंदा दिया है, इसलिए यह मामला प्रदेश के श्रद्धालुओं की आस्था और उनकी राशि से जुड़ा हुआ है।

संसदीय कार्य मंत्री चंद्राकर ने जताई आपत्ति: संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अयोध्या का मामला छत्तीसगढ़ सरकार और विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि जब राम मंदिर से संबंधित प्रस्ताव पहले विधानसभा में लाया जा चुका है, तो अब चंदे में कथित गड़बड़ी पर चर्चा से इनकार नहीं किया जा सकता।

भूपेश बघेल बोले—चंदे में डकैती पड़ गई
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी श्रद्धा से राम मंदिर के लिए चंदा दिया था, लेकिन उस चंदे में डकैती पड़ गई। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने उनसे पूछा कि उन्होंने कितना दान दिया था। बघेल ने जवाब दिया कि उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट को एक लाख 21 हजार रुपए दिए थे। इस सवाल-जवाब के बाद सदन का माहौल और गरमा गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। लगातार नारेबाजी के कारण पहले कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की गई। दोबारा सदन शुरू होने पर भी हंगामा नहीं थमा, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

स्थगन प्रस्ताव खारिज
कांग्रेस ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को प्रदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से तत्काल चर्चा की मांग की थी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय बताते हुए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

सदन में डकैती शब्द पर बवाल
प्रस्ताव खारिज होने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी मंदिर के लिए चंदा दिया था और उस चंदे में डकैती पड़ गई। इस बयान पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई।

जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर घेरने की तैयारी
कांग्रेस मंगलवार 14 जुलाई को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। भाजपा के स्पष्ट बहुमत के कारण प्रस्ताव पारित होने की संभावना नहीं है, लेकिन कांग्रेस इसके माध्यम से सरकार को प्रशासन, जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।

प्रश्नकाल में बीएड-डीएड कॉलेजों का मुद्दा गूंजा
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में बीएड और डीएड पाठ्यक्रम संचालित नहीं होने तथा रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षक प्रशिक्षण की व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू की गई है।
बीएड और डीएड महाविद्यालयों को शुरू करने के संबंध में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। प्रदेश के 13 महाविद्यालयों में इन पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

हाथों में पोस्टर और नारेबाजी
शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अगुवाई में कांग्रेस विधायक हाथों में पोस्टर लेकर सदन में पहुंचे और लगातार नारेबाजी करते रहे, जिससे सदन की कार्यवाही पहले 5 मिनट और फिर पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।

धरमलाल कौशिक और राघवेंद्र सिंह बने उत्कृष्ट विधायक
मानसून सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा उत्कृष्टता अलंकरण की भी घोषणा की। सत्तापक्ष की ओर से धरमलाल कौशिक और प्रतिपक्ष की ओर से राघवेंद्र सिंह को उत्कृष्ट विधायक के रूप में चुना गया है। विधानसभा की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी, संसदीय परंपराओं के पालन और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए दोनों विधायकों को सम्मानित किया जाएगा। पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रिंट मीडिया श्रेणी से पत्रिका के संवाददाता संतराम साहू को उत्कृष्ट पत्रकार चुना गया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया श्रेणी में सौरभ सिंह परिहार और राजेश राज को संयुक्त रूप से उत्कृष्ट पत्रकार सम्मान के लिए चयनित किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी चयनित विधायकों और पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित करने के साथ संसदीय मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम है।

पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि से हुई सत्र की शुरुआत

मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन को पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन की सूचना दी। उन्होंने तीजन बाई के कला, संस्कृति और लोक परंपरा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को याद करते हुए उनके निधन को छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तीजन बाई का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने अपनी विशिष्ट पंडवानी गायन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विश्वभर में पहचान दिलाई। उनकी कला आने वाली पीढिय़ों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा देती रहेगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि तीजन बाई छत्तीसगढ़ के लोगों के दिलों के बेहद करीब थीं। प्रदेश के लोग उन्हें सुनने के लिए दूर-दूर तक जाते थे। उन्होंने कहा कि तीजन बाई की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सदन के सभी सदस्यों ने तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके सम्मान में सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की गई।

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