
देशभर में मानसून की रफ्तार अभी पूरी तरह नहीं बढ़ी है, लेकिन सब्जी बाजार में टमाटर ने अपना रंग दिखाना (Tomato Price) शुरू कर दिया है। कई राज्यों की मंडियों में पिछले कुछ दिनों के दौरान टमाटर के भाव में तेज उछाल दर्ज किया गया है। इसका असर अब खुदरा बाजारों तक भी पहुंचने लगा है, जहां उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
दूसरी ओर किसानों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है। कुछ महीने पहले तक कम दाम मिलने से परेशान किसान अब बेहतर भाव मिलने से उत्साहित नजर आ रहे हैं। मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाले टमाटर की मांग बढ़ने के साथ कीमतों में मजबूती देखी जा रही है।
कई राज्यों की मंडियों में बढ़े टमाटर के भाव : Tomato Price
18 जून 2026 के मंडी आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की मंडियों में टमाटर की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिला। विभिन्न बाजारों में न्यूनतम भाव करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल से शुरू होकर अधिकतम 5 हजार से 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया।
विशेष रूप से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की कई मंडियों में टमाटर की मांग मजबूत रहने से कीमतों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। व्यापारियों का कहना है कि गुणवत्तायुक्त माल की उपलब्धता सीमित होने के कारण ऊंचे भाव मिल रहे हैं।
तेलंगाना में सबसे मजबूत रहा बाजार
टमाटर के भाव के मामले में तेलंगाना की मंडियां सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई दीं। यहां कई बाजारों में उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर को 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिला।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार मांग लगातार बनी (Tomato Price) हुई है, जबकि आवक अपेक्षाकृत सीमित रहने से कीमतों को समर्थन मिल रहा है। इसी वजह से किसानों को बेहतर आमदनी प्राप्त हो रही है।
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में भी तेजी
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की अधिकांश मंडियों में भी टमाटर के दाम मजबूत बने हुए हैं। कई बाजारों में किसानों को पिछले महीनों की तुलना में काफी बेहतर भाव प्राप्त हो रहे हैं।
व्यापारियों का मानना है कि मानसून के दौरान आपूर्ति प्रभावित होने पर कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल मांग और आपूर्ति के संतुलन का असर सीधे भाव पर दिखाई दे रहा है।
मध्य प्रदेश में गुणवत्ता के अनुसार मिले अलग अलग भाव
मध्य प्रदेश की मंडियों में टमाटर की कीमतें गुणवत्ता और स्थानीय मांग के आधार पर अलग अलग रहीं। बेहतर गुणवत्ता वाले टमाटर को अच्छा भाव मिला, जबकि सामान्य गुणवत्ता की उपज अपेक्षाकृत कम कीमत पर बिकी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और आवक के आधार पर भाव में और बदलाव संभव है।
छत्तीसगढ़ की मंडियों में भी बढ़ी हलचल
छत्तीसगढ़ में भी टमाटर बाजार में तेजी के संकेत मिलने लगे हैं। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी और आसपास की मंडियों में टमाटर की मांग बढ़ रही है।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार अभी आवक सामान्य बनी हुई है, लेकिन यदि लगातार बारिश के कारण उत्पादन क्षेत्रों से आपूर्ति प्रभावित होती है तो कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उन्हें और बेहतर भाव मिलेंगे।
खुदरा बाजार पर भी दिखने लगा असर
थोक मंडियों में बढ़ते भाव का असर अब खुदरा बाजारों तक पहुंचने लगा है। शहरों और कस्बों में टमाटर की कीमतें धीरे धीरे ऊपर जा रही हैं। खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों के बीच टमाटर के दाम में आई यह तेजी आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को प्रभावित कर सकती है। हालांकि किसानों के लिए यह बेहतर कमाई का अवसर बनकर सामने आया है।
आगे क्या रह सकती है स्थिति
व्यापारियों और कृषि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की प्रगति आने वाले दिनों में टमाटर के भाव तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका (Tomato Price) निभाएगी। यदि भारी बारिश के कारण फसल प्रभावित होती है या आवक कम होती है तो कीमतों में और तेजी आ सकती है।
वहीं उत्पादन और आपूर्ति सामान्य रहने पर बाजार में स्थिरता भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल कई राज्यों की मंडियों में टमाटर के भाव मजबूत बने हुए हैं और किसान बेहतर कमाई की उम्मीद कर रहे हैं।



