छत्तीसगढ़

आईपीएल से पहले सटोरियों और खाईवालों का नया मुख्यालय बना तिल्दा

-आईपीएल से पहले राजधानी के सटोरियों ने बदले ठिकाने
-रायपुर से बड़ा सट्टा तिल्दा नेवरा में, पूरे प्रदेश में खाईवाल और बुकी सक्रिय

पलाश तिवारी
रायपुर / नवप्रदेश। satoriyon aur khaeevaalon tilda: रायपुर जिले का औद्योगिक क्षेत्र माना जाने वाला तिल्दा नेवरा के सटोरियों और खाईवालों ने राजधानी के सटोरियों को पीछे छोड़ दिया है। एक तरफ जहां रायपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की मुस्तैदी के चलते यहां के सटोरियों और खाईवालों में डर का माहौल बना हुआ है तो वहीं दूसरी ओर तिल्दा नेवरा के रसूखदारों की सट्टे बाजार में तूती बोलने लगी है। पिछले कुछ सालों से तिल्दा के सटोरियों ने राजधानी के कुछ बड़े खाईवालों पर पुलिसिया कार्रवाई के बाद से सट्टा बाजार में अपना वर्चस्व कायम कर लिया है।

महादेव सट्टा घोटाले के कई तार तिल्दा नेवरा के सटोरियों और खाईवालों से भी जुड़े हुए पाए गए, लेकिन उनपर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति ही की गई। बताया जाता है कि तिल्दा (satoriyon aur khaeevaalon tilda) के रसूखदार सटोरिये रोजाना ऑनलाइन सट्टा खिलवा कर लगभग 2 करोड़ रूपए की हेराफेरी कर रहे हैं। वहीं आईपीएल शुरू होते ही इनके इस अवैध कारोबार में भारी मुनाफा होने के भरपूर आसार हैं जिसका कारण रायपुर के सटोरियों के ग्राहक उनकी ओर चले जाना बताया जा रहा है।

राजधानी के बड़े सटोरियों का नया ठिकाना

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर के बड़े सटोरियों ने आईपीएल शुरू होने से ठीक पहले ऑनलाइन सट्टे के संचालन के लिए यहाँ की पुलिस के डर से अपना ठिकाना बदल लिया है। मिली जानकारी के अनुसार सटोरियों ओर खाईवालों का इस बार के नए ठिकाने में 2 अन्य राज्य शामिल हुए हैं। सटोरियों ने इस बार यूपी, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गोवा समेत ओडिशा और यूपी-बिहार बॉर्डर को अपना नया ठिकाना बनाया है। वहीं अगर बात की जाए तिल्दा नेवरा के सटोरियों की तो अधिकांश खाईवाल अपने रसूखदार और प्राप्त राजनैतिक संरक्षण के चलते राजधानी से ठीहा बदल कर अब आनलाइन सहित लोकल सट्टा ऑपरेट कर रहे हैं।

शिकंजा कसने एसपी का फरमान

इस मामले में रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह का कहना है कि रायपुर समेत जिले के हर सटोरियों और खाईवालों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। पुलिस को जो भी सुचना मिलेगी उसपर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। साथी ही इस बार जो भी सट्टा खिलाते हुए पाया जाएगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तिल्दा में तीन एप में चल रहा सट्टा

विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तिल्दा नेवरा में गणपति एप, गजानंद एप, और रिषु एप की सबसे ज्यादा डिमांड है। सूत्रों की माने तो रोजाना इन तीन सट्टा बुकों में करोड़ों का दांव लगाया जाता है। वहीं इन सट्टा ऐप का संचालन गोवा और दुबई से सीधे तौर पर किया जाता है। तिल्दा नेवरा के रसूखदार सटोरिये इन सट्टा बुकों की फ्रेंचाइजी लेकर रायपुर भाटापारा बिलासपुर समेत आईडी पासवर्ड बांट कर करोड़ों रूपए की कमाई करते आ रहे हैं। वहीं सूत्रों की माने तो इन सटोरियों के पीछे कुछ बड़े लोगों का हाथ होना बताया जाता है जिसके एवज में उन्हें भी कमीशन के तौर पर अच्छी खासी मोटी रकम का मुनाफा पहुंचाया जाता रहा है।

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