स्वास्थ्य

Heart Attack Risk : अचानक तेज होने लगे दिल की धड़कन, क्या यह किसी बड़े खतरे का संकेत है?

कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि अचानक दिल सामान्य से तेज धड़कने (Heart Attack Risk) लगता है। कभी तनाव के दौरान, कभी बिना किसी स्पष्ट वजह के, तो कभी आराम की स्थिति में भी दिल की धड़कन बढ़ी हुई महसूस होती है। ऐसे में मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि कहीं यह किसी गंभीर बीमारी या हार्ट अटैक का संकेत तो नहीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर बार दिल की धड़कन तेज होना खतरनाक नहीं होता, लेकिन कुछ स्थितियों में इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। इसलिए इसके कारणों और चेतावनी संकेतों को समझना जरूरी है।

क्यों बढ़ जाती है दिल की धड़कन? Heart Attack Risk

सामान्य तौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति की हार्ट रेट आराम की स्थिति में 60 से 100 धड़कन प्रति मिनट के बीच रहती है। शारीरिक गतिविधि, दौड़ना, व्यायाम करना या सीढ़ियां चढ़ना जैसी स्थितियों में शरीर को अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है, जिससे दिल तेजी से धड़कने लगता है।

तनाव और चिंता भी हो सकते हैं कारण

मानसिक तनाव, घबराहट, चिंता या भावनात्मक दबाव के दौरान शरीर में तनाव हार्मोन बढ़ जाते हैं। इन हार्मोन्स के प्रभाव से दिल की धड़कन अचानक तेज महसूस हो सकती है।

कैफीन और एनर्जी ड्रिंक का असर

अधिक मात्रा में चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक, निकोटीन या कुछ दवाओं का सेवन भी हार्ट रेट बढ़ा सकता है। कई लोगों में इन पदार्थों के सेवन के बाद धड़कन तेज होने की शिकायत देखी जाती है।

कुछ बीमारियां भी हो सकती हैं जिम्मेदार

बुखार, संक्रमण, थायरॉइड की समस्या और शरीर में पानी की कमी जैसी स्थितियों में भी दिल सामान्य से ज्यादा तेजी से धड़क (Heart Attack Risk) सकता है। कुछ मामलों में हृदय की विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी भी अनियमित या तेज धड़कन का कारण बनती है।

कब हो सकती है चिंता की बात?

विशेषज्ञों के अनुसार यदि आराम की स्थिति में भी हार्ट रेट लगातार 100 धड़कन प्रति मिनट से अधिक बनी रहती है तो इसे टैकीकार्डिया कहा जाता है। यदि तेज धड़कन के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

क्या इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है?

हर तेज धड़कन हार्ट अटैक का संकेत नहीं होती। व्यायाम, भावनात्मक उत्तेजना या तनाव के दौरान बढ़ी हुई धड़कन सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है। लेकिन बिना कारण बार-बार धड़कन तेज होना किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है, जिसकी जांच आवश्यक है।

दिल की धड़कन को कैसे करें सामान्य?

गहरी और धीमी सांस लेने से धड़कन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। पर्याप्त पानी पीना, योग और ध्यान करना, तनाव कम करना तथा पर्याप्त नींद लेना भी लाभदायक माना (Heart Attack Risk) जाता है। कुछ मामलों में चेहरे पर ठंडा पानी छिड़कना या हल्की खांसी करना भी हार्ट रेट को सामान्य करने में मदद कर सकता है।

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