देश

Railway Mega Expansion: 4 राज्यों में 9,450 करोड़ की 4 मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी

पीएम मोदी ने कहा- कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा नया आयाम, 60 लाख लोगों को सीधा लाभ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (Railway Mega Expansion) ने भारतीय रेलवे की क्षमता और रफ्तार को नई दिशा देने वाला एक बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में 9,450 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली चार महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को अपनी मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल रेल नेटवर्क का विस्तार करना है, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत को कम कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को गति देना है।

410 किमी बढ़ेगा रेल नेटवर्क, आठ जिलों को मिलेगी नई सुविधा

इन चार परियोजनाओं के माध्यम से भारतीय रेल नेटवर्क में कुल 410 किलोमीटर की अतिरिक्त रेल लाइनें जोड़ी जाएंगी। ये परियोजनाएं आठ जिलों से होकर गुजरेंगी, जिससे करीब 6,448 गांवों के लगभग 60 लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि इससे रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।

इन परियोजनाओं को मिली हरी झंडी

रेलवे की परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए निम्नलिखित परियोजनाओं पर कार्य होगा:

  • खडग़पुर-भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन: 173 किमी (पश्चिम बंगाल और ओडिशा)।
  • भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन: 75 किमी (ओडिशा)।
  • गुम्मिडिपूंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन: 90 किमी (आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु)।
  • कटक-पारादीप (बडाबन्धा) तीसरी और चौथी लाइन: 72 किमी (ओडिशा)।

पर्यटन और उद्योग को मिलेगी नई उड़ान

ये परियोजनाएं ‘पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान‘ के तहत विकसित की जाएंगी। इन रेल मार्गों पर कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, इस्पात और खाद्यान्न जैसे महत्वपूर्ण माल की आवाजाही होती है। क्षमता विस्तार से प्रति वर्ष 76 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी। इसके साथ ही, यह विस्तार कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और मां भद्रकाली मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों को भी विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी से जोड़ेगा।

पर्यावरण के लिए ‘ग्रीन रेल’ का संकल्प

पर्यावरण की दृष्टि से यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी। रेलवे का अनुमान है कि इन लाइनों के बनने से लगभग 13 करोड़ लीटर तेल के आयात में कमी आएगी। इसके साथ ही, करीब 65 करोड़ किलोग्राम सीओ2 उत्सर्जन में कटौती होगी, जो 2.60 करोड़ नए पेड़ लगाने के बराबर है। यह विकास कार्य 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और यात्रियों व माल परिवहन को अधिक सुचारू, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।

Hemant Dhote

लेखक: हेमन्त धोटे छत्तीसगढ़ के एक सक्रिय पत्रकार और प्रिंट मीडिया से जुड़े व्यक्ति हैं, जो मुख्य रूप से रायपुर से संचालित होने वाले प्रतिष्ठित दैनिक हिंदी समाचार पत्र 'दैनिक नव प्रदेश' (Nav Pradesh) में निरंतर वरिष्ठ प्रबंधन/प्रतिनिधि मंडल एवं रायपुर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं और अखबार के विभिन्न आयोजनों व गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। श्री हेमन्त धोटे ने रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTUJM) से (बी.जे.एम.सी और एम.ए.एम.सी) की पढ़ाई की है।

Related Articles

Back to top button