मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित (PM Narendra Modi) किए जाने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों, भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर उसकी मजबूत होती भूमिका का भी प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है। उनकी प्रभावी कूटनीति और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण भारत के संबंध दुनिया के कई देशों के साथ मजबूत हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका पहले की तुलना में अधिक प्रभावशाली हुई है और देश की साख लगातार बढ़ रही है।
भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया सम्मान PM Narendra Modi
विष्णुदेव साय ने कहा कि इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और विश्व समुदाय में बढ़ते सम्मान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि दुनिया भारत के नेतृत्व और विकास की दिशा पर भरोसा जता रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी विदेश नीति के माध्यम से मित्र देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत हुई है और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर भी बने हैं।
कूटनीति से मजबूत हुए अंतरराष्ट्रीय संबंध
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज वैश्विक मंचों पर एक जिम्मेदार और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरा है। आर्थिक, सामरिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्र में भारत की सक्रिय भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इसका लाभ देश के विकास और अंतरराष्ट्रीय संबंधों दोनों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक देशों के साथ भारत के संबंधों में आई मजबूती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रभावी कूटनीति का परिणाम है।
‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना के साथ आगे बढ़ेगा भारत
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व समुदाय में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त (PM Narendra Modi) बनाएगा। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना के साथ वैश्विक शांति, सहयोग और साझा समृद्धि के लिए काम करता रहा है और आगे भी यही दृष्टिकोण कायम रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मिला यह सम्मान पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।



