Mungeli School Inspection News : समय से पहले बंद मिले कई स्कूल, लापरवाह शिक्षकों का कटेगा एक दिन का वेतन
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में शिक्षा व्यवस्था को ढर्रे पर लाने और शासकीय तंत्र में अनुशासन कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के विशेष मार्गदर्शन में सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एल.पी. डाहिरे ने जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस आकस्मिक जांच के दौरान कई विद्यालय निर्धारित समय से पहले ही बंद पाए गए, जिसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने दोषी शिक्षकों और संस्था प्रमुखों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
निरीक्षण में खुली पोल, न शिक्षक मिले न बच्चे
जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी जब अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण पर निकले, तो प्राथमिक शाला केसली, पूर्व माध्यमिक शाला टेढ़ाधौरा और हाई स्कूल टेढ़ाधौरा में ताले लटके मिले। ये सभी स्कूल अपनी तय समय-सीमा से पहले ही बंद कर दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान इन परिसरों में न तो कोई शैक्षणिक कार्य संचालित होता पाया गया और न ही कोई शिक्षक या संस्था प्रमुख वहां उपस्थित थे। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में अनुशासन की इस तरह धज्जी उड़ते देख डीईओ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
कटेगा वेतन, होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस बड़ी लापरवाही पर तत्काल कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे ने स्पष्ट किया कि अनुपस्थित पाए गए संबंधित सभी शिक्षकों और संस्था प्रमुखों का उस दिन का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। इसके साथ ही, सरकारी नियमों के तहत उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: “विद्यालयों में समय पर उपस्थिति और नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाना सभी शिक्षकों और संस्था प्रमुखों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ या कर्तव्यों के प्रति उदासीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
एलपी डाहिरे, जिला शिक्षा अधिकारी, मुंगेली
सभी स्कूलों को कड़े निर्देश जारी
इस औचक कार्रवाई के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मुंगेली जिले के सभी सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों, संस्था प्रमुखों और शिक्षकों के लिए एक कड़ा फरमान जारी किया है। उन्होंने निर्देशित किया है कि सभी स्कूलों में कड़ाई से अनुशासन का पालन किया जाए, स्कूल संचालन के समय को लेकर कोई ढिलाई न बरती जाए और विद्यार्थियों के हित में हर हाल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



