छत्तीसगढ़

Mango Plantation : एक गांव की पहल ने खींचा सबका ध्यान, खेतों में लगे पौधे बन रहे किसानों की नई ताकत

ग्रामीण क्षेत्रों में खेती और आय बढ़ाने के नए प्रयोग अब सकारात्मक परिणाम देने (Mango Plantation) लगे हैं। नारायणपुर जिले के एक छोटे से गांव में शुरू की गई पहल आज आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बन रही है। खेतों में लगाए गए फलदार पौधों की हरियाली ने किसानों के चेहरे पर नई उम्मीद जगाई है और गांव में इस सफलता की चर्चा दूर तक पहुंच रही है।

किसानों की मेहनत, विभागीय सहयोग और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। पौधों की बेहतर देखभाल और नियमित निगरानी के कारण इस पहल ने ऐसा परिणाम दिया है जिसे ग्रामीण विकास के सफल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

किसानों की आय बढ़ाने की पहल : Mango Plantation

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नारायणपुर जिले के ओरछा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदला के आश्रित ग्राम बासीन में किसानों की आय बढ़ाने और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की गई है। इस योजना के अंतर्गत किसानों के खेतों में लगाए गए फलदार पौधों की जीवितता दर लगभग 99 प्रतिशत दर्ज की गई है।

उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का रोपण

मनरेगा के तहत स्वीकृत नर्सरी में उद्यान विभाग द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले ग्राफ्टेड आम के पौधे तैयार किए गए। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025 26 में चयनित किसानों के खेतों में इन पौधों का रोपण कराया गया। इस पहल का उद्देश्य किसानों को भविष्य में अतिरिक्त आय उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का विस्तार करना है।

संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्था

योजना के तहत केवल पौधारोपण तक ही कार्य सीमित नहीं रखा गया। पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक वर्ष तक रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। इसके साथ ही उद्यान विभाग ने किसानों को सामूहिक बाड़बंदी की सुविधा प्रदान की, जिससे पौधों को नुकसान से बचाया जा सके।

किसानों ने निभाई अहम भूमिका

पौधों की सिंचाई और देखभाल में किसानों ने भी सक्रिय भागीदारी (Mango Plantation) निभाई। नियमित निगरानी और देखरेख का ही परिणाम है कि अधिकांश पौधे स्वस्थ स्थिति में पाए गए हैं। हाल ही में किए गए निरीक्षण में पौधों की जीवितता दर 99 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

आने वाले वर्षों में बढ़ेगी आय

विशेषज्ञों का मानना है कि जब ये पौधे पूरी तरह विकसित होंगे तो किसानों को आम उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और खेती का दायरा भी बढ़ेगा।

दूसरे गांवों के लिए बना उदाहरण

ग्राम बासीन का यह मॉडल अब अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा (Mango Plantation) बन रहा है। रोजगार, हरियाली और आय वृद्धि को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल ग्रामीण विकास के प्रभावी उदाहरण के रूप में उभरकर सामने आई है।

Related Articles

Back to top button