छत्तीसगढ़

Malaria Outbreak : सरकारी छात्रावास में बढ़ा मलेरिया का खतरा, दो मासूमों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क

कांकेर जिले में मानसून के बीच सरकारी छात्रावासों से आई खबर ने सभी को चिंता (Malaria Outbreak) में डाल दिया है। लगातार बुखार की शिकायत के बाद बच्चों की जांच हुई तो मलेरिया के मामले सामने आने लगे। दो छात्रों की मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।

छात्रावासों में स्वास्थ्य टीमों की आवाजाही तेज हो गई है। बच्चों की लगातार जांच की जा रही है और संक्रमित पाए गए छात्रों का इलाज शुरू कर दिया गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी छात्रावासों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

दो छात्रों की मलेरिया से मौत Malaria Outbreak

कांकेर जिले के इरादाह और मर्दापोटी छात्रावास में बीते दो दिनों के भीतर दो 9 वर्षीय छात्रों की मलेरिया से मौत हो गई। मृतकों की पहचान डोमाहर्रा निवासी करीना विश्वकर्मा और मर्दापोटी छात्रावास के छात्र सुभाष कुमेटी के रूप में हुई है।

11 छात्र मिले मलेरिया पॉजिटिव

दोनों छात्रावासों में जांच के दौरान 11 बच्चे मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी का उपचार जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी Malaria Outbreak

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरसी ठाकुर के अनुसार जिले में अचानक मलेरिया के मामले बढ़े हैं। 22 जुलाई को हुई जांच में रिपोर्ट सामान्य थी, लेकिन 24 जुलाई के बाद संक्रमण के मामले तेजी से सामने आए। सभी छात्रावासों में स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

मलेरिया के लक्षण

मलेरिया होने पर ठंड के साथ तेज बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द, उल्टी, दस्त, शरीर दर्द, अत्यधिक कमजोरी, पसीना आना और बार बार बुखार लौटना जैसे लक्षण दिखाई दे (Malaria Outbreak) सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच और इलाज कराना जरूरी है।

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