छत्तीसगढ़

Makhana Farming: मखाना खेती बनेगी किसानों की नई आय का आधार, मंत्री रामविचार नेताम ने किया निरीक्षण

रायपुर, 02 जुलाई 2026। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने धमतरी प्रवास के दौरान बुधवार को विकासखंड कुरूद के ग्राम छाती में संचालित मखाना खेती का निरीक्षण किया। जिला प्रशासन तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से विकसित इस नवाचार का अवलोकन करते हुए उन्होंने मखाना उत्पादन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और इसे किसानों, विशेषकर महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तता का प्रभावी माध्यम बताया।

मखाना उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान मंत्री खेत में पहुंचे और मखाना के बीज रोपण, पौधों की वृद्धि, फसल प्रबंधन, फल परिपक्व होने तथा जलाशय से फल निकालकर पारंपरिक विधि से उसके प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि मखाना की फसल सामान्यतः 6 से 8 माह में तैयार होती है, जिसके बाद प्रसंस्करण के जरिए उच्च गुणवत्ता वाला मखाना प्राप्त किया जाता है।

29 एकड़ में महिला समूह कर रहे सफल खेती

ग्राम छाती में शैलपुत्री एवं नई किरण महिला स्व-सहायता समूह द्वारा लगभग 29 एकड़ क्षेत्र में मखाना की सफल खेती की जा रही है। यह पहल स्थानीय महिलाओं को रोजगार और नियमित आय उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र में वैकल्पिक कृषि को भी नई दिशा दे रही है।

प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन पर दिया जोर

मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मखाना एक उच्च मूल्य वाली पोषक फसल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। उन्होंने उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, विपणन तथा महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को मजबूत करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि नवाचार आधारित खेती को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।

80 हेक्टेयर में खेती, 100 एकड़ में होगा विस्तार

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती की जा रही है। इसके अलावा नगरी विकासखंड में 100 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में मखाना उत्पादन के विस्तार की तैयारी पूरी कर ली गई है। किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि भविष्य में धमतरी जिले को मखाना उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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