High Court Rape Survivor : गर्भ समाप्ति की मांग लेकर अदालत पहुंची पीड़िता, अब चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
एक संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय में गुरुवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने (High Court Rape Survivor) को मिला। मामले से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद कानूनी और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अदालत में दायर याचिका को लेकर लोगों की नजरें सुनवाई पर बनी रहीं और अगली प्रक्रिया को लेकर भी उत्सुकता दिखाई दी।
मामला एक पीड़िता की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें उसने चिकित्सकीय प्रक्रिया के माध्यम से गर्भ समाप्त करने की अनुमति मांगी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराने का निर्देश दिया है। अब आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
अदालत ने मेडिकल बोर्ड गठित करने के दिए निर्देश : High Court Rape Survivor
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविन्द्र अग्रवाल की अवकाशकालीन पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता की स्थिति का आकलन करने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है।
याचिका में अनुमति की मांग
याचिकाकर्ता ने अदालत में प्रस्तुत आवेदन में कहा है कि वह यौन अपराध की पीड़िता है और गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति (High Court Rape Survivor) चाहती है। याचिका के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में उसने अपनी सहमति भी दर्ज कराई है। बताया गया कि जब पीड़िता पुलिस अधिकारियों के संपर्क में आई थी तब गर्भावस्था लगभग 12 सप्ताह की थी और वर्तमान में यह अवधि लगभग 15 सप्ताह तक पहुंच चुकी है।
कानून के प्रावधानों के तहत जांच
अदालत ने मामले में चिकित्सकीय गर्भसमापन से जुड़े कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी अधिनियम के तहत गठित मेडिकल बोर्ड से जांच कराने का निर्देश दिया है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम करेगी परीक्षण
अदालत ने कहा है कि मेडिकल बोर्ड में स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, सोनोलॉजिस्ट तथा आवश्यकता अनुसार अन्य विशेषज्ञ भी शामिल रहेंगे। यह टीम पीड़िता की शारीरिक और मानसिक स्थिति का परीक्षण करेगी।
जिला अस्पताल में उपस्थित होने के निर्देश
पीड़िता को 12 जून 2026 को दोपहर 2 बजे तक जिला अस्पताल कोरबा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश (High Court Rape Survivor) दिए गए हैं। वहीं मेडिकल बोर्ड को विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
अगली सुनवाई में पेश होगी रिपोर्ट
अदालत ने निर्देश दिया है कि मेडिकल बोर्ड अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट अगली सुनवाई के दौरान न्यायालय में प्रस्तुत करे। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की सुनवाई और निर्णय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।



