
सुशासन तिहार के दौरान एक अधिकारी का व्यवहार उसके लिए भारी (Good Governance) पड़ गया। जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचे लोगों की शिकायतों और सामने आए वीडियो के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई, जिससे प्रशासनिक महकमे में भी स्पष्ट संदेश गया है कि जनसेवा में लापरवाही और अभद्र व्यवहार पर सख्ती जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई : Good Governance
सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम नागरिकों से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में दुर्ग संभागायुक्त ने निलंबन आदेश जारी कर दिया है।
वीडियो क्लिप के आधार पर जांच
निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान अधिकारी के व्यवहार से संबंधित वीडियो क्लिप का अवलोकन (Good Governance) किया गया। साथ ही कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव का भी परीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती तथा आम लोगों के साथ अशिष्ट व्यवहार किया।
नोटिस का जवाब नहीं माना गया संतोषजनक
मामले में पहले संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए निलंबन का निर्णय लिया।
आचरण नियमों का उल्लंघन
आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के अनुसार प्रत्येक शासकीय सेवक को सत्यनिष्ठ, कर्तव्यपरायण और शालीन व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है। नियमों में यह भी स्पष्ट प्रावधान है कि कोई भी अधिकारी अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान अशिष्टता का परिचय नहीं देगा।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन की व्यवस्था में जवाबदेही सर्वोपरि है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति उत्तरदायी (Good Governance) होते हैं, इसलिए नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा के दौरान दुर्व्यवहार, लापरवाही या अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
निलंबन अवधि में मिलेगा नियमानुसार भत्ता
जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में संबंधित अधिकारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और नागरिकों के प्रति संवेदनशील शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



