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Ethanol Blending : इथेनॉल मिशन पर सरकार का बड़ा खुलासा, लाखों करोड़ का निवेश और ईंधन को लेकर संसद में सामने आए अहम आंकड़े

देश में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकारी तेल कंपनियां बड़े स्तर पर निवेश (Ethanol Blending) कर रही हैं। संसद में सरकार ने इस मिशन से जुड़े ऐसे आंकड़े पेश किए हैं, जो बताते हैं कि बीते कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में रिकॉर्ड खर्च किया गया है। इसके साथ ही इथेनॉल उत्पादन, बिक्री और ईंधन की गुणवत्ता को लेकर भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।

सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए लगातार उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है। वहीं ई20 ईंधन के इस्तेमाल को लेकर भी संसद में स्थिति स्पष्ट की गई।

इथेनॉल खरीद पर 1.72 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च Ethanol Blending

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में बताया कि सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अब तक इथेनॉल खरीद पर कुल 1.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।

सरकार के अनुसार इथेनॉल सप्लाई वर्ष 2023 से 24 में 48,757 करोड़ रुपये, वर्ष 2024 से 25 में 73,996 करोड़ रुपये और वर्ष 2025 से 26 में जून तक 49,577 करोड़ रुपये इथेनॉल खरीद पर खर्च किए गए।

501 उत्पादन इकाइयों का हुआ पंजीकरण

सरकार ने बताया कि 16 जुलाई 2026 तक सरकारी तेल कंपनियों ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blending) कार्यक्रम के तहत डीनेचर्ड एनहाइड्रस इथेनॉल की आपूर्ति के लिए 501 इथेनॉल निर्माण इकाइयों का पंजीकरण किया है। सरकार का मानना है कि इससे देशभर में इथेनॉल की आपूर्ति और उत्पादन व्यवस्था को मजबूती मिली है।

सबसे ज्यादा उत्पादन इस कंपनी ने किया Ethanol Blending

इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अपनी सहयोगी कंपनियों के माध्यम से ईंधन ग्रेड इथेनॉल का उत्पादन कर रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हिंदुस्तान पेट्रोलियम बायोफ्यूल्स ने सबसे अधिक 9,373 किलोलीटर इथेनॉल का उत्पादन किया। वहीं इंडियन ऑयल ने 712 किलोलीटर और भारत पेट्रोलियम ने 76 किलोलीटर उत्पादन दर्ज किया।

उत्तर प्रदेश सबसे आगे

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा। इथेनॉल सप्लाई वर्ष 2024 से 25 के दौरान यहां 124.98 करोड़ लीटर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री हुई। इसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात का स्थान रहा। सरकार ने कहा कि मजबूत सप्लायर नेटवर्क और खरीद व्यवस्था से इस कार्यक्रम को पूरे देश में विस्तार मिल रहा है।

ई20 ईंधन पर सरकार ने क्या कहा

राज्यसभा में सरकार ने यह भी बताया कि देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें ई20 ईंधन का उपयोग (Ethanol Blending) कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी गाड़ियों की भी है जिन्हें विशेष रूप से ई20 के लिए प्रमाणित नहीं किया गया था।

सरकार के अनुसार अब तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि ई20 पेट्रोल के कारण बड़े पैमाने पर वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं। साथ ही सरकारी तेल कंपनियां देशभर के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता की नियमित जांच भी कर रही हैं।

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