DAP Fertilizer : किसानों के हित में बड़ी कार्रवाई, 202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त, कृषि विभाग ने शुरू की जांच
खरीफ सीजन के बीच किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने जांच अभियान तेज (DAP Fertilizer) कर दिया है। अवैध भंडारण और संदिग्ध उर्वरकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई में बड़ी मात्रा में संदिग्ध डीएपी खाद जब्त की गई है।
प्रशासन का कहना है कि किसानों को नकली और अवैध उर्वरकों से बचाने के लिए पूरे प्रदेश में सघन जांच अभियान जारी रहेगा। विभाग ने किसानों से भी सतर्क रहने और केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही कृषि सामग्री खरीदने की अपील की है।
पांडुका में 202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त DAP Fertilizer
कृषि विभाग की टीम ने खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिले के ग्राम पांडुका में कार्रवाई करते हुए 202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त की है। जांच के दौरान ग्राम पांडुका निवासी राजेश वर्मा के गोदाम से महाराष्ट्र निर्मित 202 बोरी खाद बरामद हुई, जिस पर डीएपी अंकित था। विभाग को सूचना मिली थी कि यह खाद किसानों को 1900 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही थी।
दस्तावेज नहीं मिलने पर हुई कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में राजेश वर्मा ने खाद को मनोज वर्मा का बताया, लेकिन खरीदी और भंडारण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेजों के अभाव में कृषि विभाग ने पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया और आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है।
किसानों से की गई महत्वपूर्ण अपील
कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि वे उर्वरक, बीज और अन्य कृषि आदान सामग्री केवल अधिकृत और पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें। साथ ही खरीदारी के समय पक्का बिल अवश्य लें।
विभाग ने यह भी कहा कि यदि कहीं कालाबाजारी, मुनाफाखोरी, अवैध भंडारण या नकली खाद की बिक्री जैसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत कृषि विभाग (DAP Fertilizer) को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।
जांच अभियान रहेगा जारी
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरक, बीज और कीटनाशक विक्रय केंद्रों के साथ साथ अवैध भंडारण के खिलाफ लगातार जांच की जा रही है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि लुकमान साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लखेश्वर तिवारी, देवेंद्र वर्मा और अश्विन पटौती सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।



