Chhattisgarh Rice Mill Scam News : एमपी के चावल घोटाले में राजनांदगांव की राइस मिल पर भी शिकंजा, तीन राज्यों के 14 मिलर जांच के घेरे में
मध्यप्रदेश में एथनॉल उत्पादन के नाम पर सामने आए करोड़ों रुपये के चावल घोटाले की जांच अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में राजनांदगांव की एक राइस मिल (Chhattisgarh Rice Mill Scam News) का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियों ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुल 14 राइस मिल संचालकों को घोटाले में संलिप्त पाया है।
एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र भेजकर इन सभी राइस मिलों को धान वितरण पर रोक लगाने की सिफारिश की है। सूची में मध्यप्रदेश की 10, महाराष्ट्र की तीन और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की एक राइस मिल (Chhattisgarh Rice Mill Scam News) शामिल है।
राजनांदगांव की गुरुदेव (लक्ष्मी) राइस मिल जांच के दायरे में (Chhattisgarh Rice Mill Scam News)
एसआईटी की जांच में जिन मिलों के खिलाफ प्राथमिक साक्ष्य मिले हैं, उनमें राजनांदगांव स्थित गुरुदेव (लक्ष्मी) राइस मिल का नाम भी शामिल है। इसके अलावा महाराष्ट्र के गोंदिया की तीन तथा मध्यप्रदेश के बालाघाट और सिवनी जिले की 10 राइस मिलों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
जांच एजेंसियां इन राइस मिलों के रिकॉर्ड, धान आवंटन और चावल के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। एफसीआई ने भी इन मिलों को फिलहाल धान आवंटित नहीं करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पूर्व मंत्री के भाई की राइस मिल भी जांच में
एसआईटी जांच में मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे की हर्ष राइस मिल का नाम भी सामने आया है। जांच टीम ने हर्ष राइस मिल से जुड़े कारोबारी विनोद शर्मा सहित कावरे परिवार के कई सदस्यों से पूछताछ की है।
तीन राज्यों में लगातार कार्रवाई
एसआईटी की टीमें अभी भी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Rice Mill Scam News) में अलग-अलग स्थानों पर जांच और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी में किन-किन राइस मिलों की भूमिका रही।
242 क्विंटल सरकारी चावल से खुला था मामला
यह पूरा मामला तीन जून को बालाघाट में 242 क्विंटल सरकारी फोर्टिफाइड चावल से भरे ट्रक के पकड़े जाने के बाद सामने आया था। इसके बाद गठित एसआईटी ने जांच शुरू की, जिसमें अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच में लगातार नए तथ्य सामने आने के बाद अब इसका दायरा तीन राज्यों तक पहुंच चुका है। राजनांदगांव कनेक्शन (Chhattisgarh Rice Mill Scam News) सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ में भी इस मामले को लेकर निगाहें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।



