प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा आत्मीय पत्र, नक्सलवाद के खात्मे से लेकर विकास योजनाओं तक का किया उल्लेख

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को आत्मीय पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। पत्र में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ से अपने पुराने जुड़ाव, प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता और विकास की दिशा में हो रहे बदलावों का विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व को देते हुए कहा कि 26 वर्ष पहले राज्य गठन से लाखों लोगों की दशकों पुरानी आकांक्षाएं पूरी हुईं और विकास की नई यात्रा शुरू हुई। उन्होंने अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से छत्तीसगढ़ आने के अनुभव साझा करते हुए सरगुजा के वनांचलों से लेकर बस्तर तक की यात्राओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरलता, सहजता, परिश्रमशीलता और जीवंत सांस्कृतिक परंपराएं उन्हें हमेशा प्रेरित करती रही हैं।
नक्सलवाद के खात्मे से बदली बस्तर की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को प्रदेश के लिए बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर के रूप में पहचाने जाने वाले क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास के नए केंद्र बन रहे हैं। सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त कराने का संकल्प पूरा हुआ है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस बदलाव के प्रतीक बन रहे हैं।
उन्होंने नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाओं और विकास के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
51 हजार करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम
प्रधानमंत्री ने प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष पहले दिल्ली और रायपुर के बीच दिनभर में केवल एक उड़ान उपलब्ध थी, जबकि आज प्रदेश में चार आधुनिक हवाई अड्डों का नेटवर्क है। छत्तीसगढ़ में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के विस्तार से रायपुर और बिलासपुर के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो गया है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे आने वाले समय में उद्योग, व्यापार और रोजगार को नई गति देंगे।
73 लाख परिवारों को मुफ्त अनाज, 22 लाख से अधिक आवास बने
प्रधानमंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाया गया है, जबकि करीब 40 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन दिए गए हैं। लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
25 लाख से अधिक किसानों को मिल रहा बेहतर मूल्य
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश में धान खरीदी की मजबूत व्यवस्था से 25 लाख से अधिक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उन्होंने आकांक्षी क्षेत्रों में कृषि विकास के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
68 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन का लाभ
महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है और परिवार तथा समाज में उनकी भागीदारी बढ़ रही है।
युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है। राज्य में एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दे रहे हैं। पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के माध्यम से कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया।
नवा रायपुर बन रहा नवाचार और तकनीक का केंद्र
प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर के आधुनिक शहर के रूप में विकसित होने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने इंडिया एआई मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप तकनीक आधारित परियोजनाओं का उल्लेख किया। फार्मा, टेक्सटाइल, सूचना प्रौद्योगिकी, बिजली, एल्युमिनियम और स्टील जैसे क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं को भी रेखांकित किया। नवा रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 और ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट को प्रदेश की औद्योगिक पहचान के लिए महत्वपूर्ण बताया।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे प्रभु श्रीराम का ननिहाल और संत गुरु घासीदास की पावन जन्मभूमि बताया। उन्होंने संत गुरु घासीदास के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ को सरकार की नीतियों का मूल आधार बताते हुए कहा कि सबका साथ-सबका विकास की भावना से समाज के हर वर्ग की प्रगति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी, लोककलाओं, लोकभाषाओं और जनजातीय परंपराओं को देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।
अंजोर विजन से विकसित भारत के संकल्प को मिलेगी दिशा
प्रधानमंत्री ने पत्र के अंत में छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य पर विश्वास जताते हुए कहा कि राज्य सरकार का विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर विजन’ विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश की विकास यात्रा आने वाले समय में और तेज होगी तथा छत्तीसगढ़ अपनी उपलब्धियों से मां भारती और छत्तीसगढ़ महतारी का गौरव बढ़ाएगा। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित प्रदेश के सभी परिवारजनों को राज्य स्थापना दिवस की पुनः शुभकामनाएं दीं।



