छत्तीसगढ़

Bitumen Price : डामर की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार का फैसला, सड़क निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों को मिलेगी राहत

राज्य में सड़क निर्माण से जुड़े कामों पर बढ़ते खर्च को लेकर पिछले कुछ समय से निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों (Bitumen Price) के बीच चिंता बनी हुई थी। खासकर डामर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद कई परियोजनाओं की रफ्तार प्रभावित होने की चर्चा चल रही थी। अब सरकार के नए फैसले के बाद निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

सड़क निर्माण स्थलों पर भी लागत बढ़ने का असर साफ दिखाई देने लगा था। कई जगहों पर काम की गति धीमी पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। ऐसे माहौल में मंत्रिपरिषद के फैसले को निर्माण कार्यों की निरंतरता बनाए रखने की कोशिश माना जा रहा है।

डामर कीमतों पर राहत देने का फैसला : Bitumen Price

राज्य मंत्रिपरिषद ने 1 अप्रैल 2026 के बाद डामर की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित और आंशिक मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है।

यह राहत 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए लागू रहेगी। सरकार ने साफ किया है कि यह सहायता केवल डामर की बढ़ी हुई कीमतों के असर को कम करने के उद्देश्य से दी जाएगी।

तय फार्मूले के आधार पर मिलेगी क्षतिपूर्ति

सरकार की ओर से बताया गया है कि राहत राशि निर्धारित फार्मूले के आधार पर तय की जाएगी। अन्य निर्माण सामग्रियों और घटकों पर पहले से लागू एस्केलेशन नियम पहले की तरह जारी रहेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से निर्माण एजेंसियों को बढ़ती लागत के दबाव से कुछ राहत मिल सकेगी और काम प्रभावित होने से बचेंगे।

वैश्विक परिस्थितियों का पड़ा असर

पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक परिस्थितियों के कारण डामरीकरण कार्यों की लागत लगातार बढ़ रही थी। इसका असर सड़क निर्माण और संधारण कार्यों पर भी दिखाई (Bitumen Price) देने लगा था। सरकार का मानना है कि यदि समय पर राहत नहीं दी जाती तो कई परियोजनाओं की गति प्रभावित हो सकती थी।

सड़क परियोजनाओं की रफ्तार बनाए रखने पर जोर

भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए इसी तरह की राहत संबंधी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। राज्य सरकार का कहना है कि उद्देश्य यही है कि सड़क निर्माण और संधारण कार्यों की रफ्तार बनी रहे और लोगों को तय समय पर विकास कार्यों का लाभ मिल सके।

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