बस्तर संभाग में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच नई उम्मीद (Bastar Fighters Recruitment) जगी है। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के फैसले के बाद क्षेत्र में इसे लेकर सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है। रोजगार के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने वाले इस निर्णय को लेकर जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया है।
सरकार के फैसले के बाद युवाओं की नजर अब भर्ती प्रक्रिया पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि स्थानीय अभ्यर्थियों को अधिक अवसर मिलने से रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और बस्तर के विकास को भी गति मिलेगी।
बस्तर फाइटर्स भर्ती में स्थानीय युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता Bastar Fighters Recruitment
छत्तीसगढ़ सरकार के बस्तर फाइटर्स भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के फैसले का वन मंत्री केदार कश्यप ने स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय बस्तर के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा। मंत्री के अनुसार इस फैसले से बस्तर संभाग के करीब 5800 स्थानीय युवाओं को सरकारी सेवा में रोजगार पाने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री के फैसले की सराहना
केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उनके अनुसार स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता देने का निर्णय उनके भविष्य को नई दिशा देगा और उन्हें अपने ही क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगा।
केंद्र सरकार की भूमिका का भी किया उल्लेख Bastar Fighters Recruitment
वन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
स्थानीय युवाओं से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था
केदार कश्यप ने कहा कि स्थानीय युवा अपनी भाषा, संस्कृति, भौगोलिक परिस्थितियों और सामाजिक परिवेश को बेहतर ढंग से जानते हैं। ऐसे में बस्तर फाइटर्स भर्ती में उनकी भागीदारी बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और प्रशासन तथा आम लोगों के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।
रोजगार के साथ विकास को भी मिलेगा बल
वन मंत्री ने कहा कि यह फैसला केवल सरकारी नौकरी तक सीमित (Bastar Fighters Recruitment) नहीं है, बल्कि सुरक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित बस्तर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनका मानना है कि इससे युवाओं का सरकार पर भरोसा बढ़ेगा और क्षेत्र में विकास गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।



