छत्तीसगढ़

Bastar Development : बस्तर में लौटने लगी पुरानी रौनक, नक्सल हिंसा थमने के बाद अपने गांव वापस पहुंच रहे परिवार

बस्तर के कई गांवों में वर्षों बाद फिर से चहल पहल दिखाई (Bastar Development) देने लगी है। कभी नक्सल हिंसा और डर के कारण अपना घर छोड़ने वाले परिवार अब धीरे धीरे अपने पैतृक गांवों की ओर लौट रहे हैं। गांवों में फिर से लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है और उजड़े आंगनों में दोबारा जीवन लौटता नजर आ रहा है।

लौट रहे परिवारों के लिए सरकार भी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने में जुटी है। सड़क, आवास, पेयजल, स्कूल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि लोग अपने गांवों में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकें।

नक्सल प्रभाव कम होने से बदल रहे हालात Bastar Development

बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने बताया कि पहले नक्सल हिंसा के चलते कई परिवारों को अपने गांव छोड़कर दूसरे इलाकों में जाना पड़ा था। अब क्षेत्र में हालात सामान्य होने लगे हैं और लोग धीरे धीरे वापस लौट रहे हैं। सरकार पुनर्वास के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है।

पांच सौ किलोमीटर से ज्यादा सड़क निर्माण की तैयारी

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बस्तर में सड़क संपर्क मजबूत करने का काम भी तेज किया गया है। चौथे चरण के पहले बैच में 236 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि दूसरे बैच में 292 किलोमीटर नई सड़कों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे दूरदराज के गांवों तक पहुंच आसान होगी और लौटने वाले परिवारों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

कई परिवारों ने फिर बसाया अपना आशियाना Bastar Development

कोलेंग छिंगगुर गांव के निवासी फुलदेव ठाकुर ने बताया कि पहले गांव में 107 परिवार रहते थे। नक्सल हिंसा के दौर में 60 से 70 परिवार गांव छोड़कर चले गए थे। अब हालात सुधरने के बाद 30 से अधिक परिवार वापस लौट आए हैं और अपने पुराने घरों में दोबारा बसने लगे हैं।

उन्होंने बताया कि बाहर रहने के दौरान उनके पास न अपनी जमीन थी और न ही स्थायी ठिकाना। ऐसे में अब गांव लौटकर लोग फिर से अपना जीवन शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।

गांवों में बढ़ाई जा रही सुविधाएं

राज्य सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद बालेबेड़ा और गरपा जैसे गांवों में विस्थापित परिवारों की वापसी का रास्ता (Bastar Development) खुला है। लौटने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही स्कूल, पेयजल, सड़क और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का भी तेजी से विकास किया जा रहा है, ताकि गांवों में स्थायी बसावट को बढ़ावा मिल सके।

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