Barasat Incident : देर रात घर से बुलाया, फिर घुटनों पर बैठाकर जमीन पर लेटने को किया मजबूर, बारासात की घटना से मचा सियासी बवाल
पश्चिम बंगाल के बारासात में एक कथित घटना को लेकर राजनीतिक माहौल (Barasat Incident) गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। घटना की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। जहां एक ओर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी घटना को अलग तरीके से पेश किया है।

टीएमसी कार्यकर्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप Barasat Incident
जानकारी के मुताबिक, बारासात में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता अबुल हसन को देर रात कथित तौर पर घर से बाहर बुलाया गया। आरोप है कि इसके बाद उन्हें घुटनों के बल बैठने और जमीन पर लेटने के लिए मजबूर किया गया।
स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि अबुल हसन का नाम कुछ वर्ष पहले भाजपा के एक कार्यकर्ता की हत्या के मामले में भी सामने आया था। हालांकि इस मामले की वर्तमान कानूनी स्थिति का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं किया गया है।
बदले की कार्रवाई का लगाया जा रहा आरोप
स्थानीय लोगों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि यह घटना पुराने राजनीतिक विवाद और कथित बदले की भावना से जुड़ी हो सकती है। आरोप है कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बीजेपी ने आरोपों से किया इनकार Barasat Incident
भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में अपने कार्यकर्ताओं की किसी भी भूमिका से इनकार किया है। पार्टी के बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह घटना स्थानीय लोगों के आक्रोश का परिणाम है और इसे भाजपा से जोड़ना गलत है।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
घटना सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल मामले को लेकर अलग-अलग दावे किए (Barasat Incident) जा रहे हैं और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जांच की जानकारी सामने नहीं आई है।



