संपादकीय

From Darkness to Light: अंधकार से प्रकाश की ओर

पर्व प्रधान देश हमारे भारत का सबसे बड़ा पर्व है दीपावली। धनतेरस (From Darkness to Light) से लेकर भाईदूज तक पांच दिनों तक हर्षोल्लास पूर्वक मनाए जाने वाले यह महापर्व हमे अंधकार से प्रकाश की ओर बढऩे की प्रेरणा देता है। हर व्यक्ति अपने जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, और उत्तम स्वास्थ्य की ही कामना करता है और इसकी प्राप्ति के लिए ही निरंतर प्रयत्न भी करता है। दीपावली पर्व हमें आत्मचिंतन का भी अवसर देता है कि बीते एक साल में हमने क्या उपलब्धि हासिल की और अंधकार से निकल कर प्रकाश की ओर हम और कितने कदम आगे बढ़े?

नन्हें- नन्हें माटी के दीपक भी हमें यह प्रेरणा देते हैं कि जिस तरह वह अपने आसपास के अंधियारे को हरता है और उजियारा बगराता है उसी तरह हम भी प्रकाश पूंज बनकर अपने आसपास के अंधकार को दूर करें। दीपावली पर्व के संदर्भ में यह मान्यता है कि जब भगवान श्री राम चौदह वर्षों का वनवास खत्म करने के बाद वापस अयोध्या लौटे थे तो उनके आगमन की खुशी और स्वागत में हर घर की देहरी पर दिये जलाए गए थे। तभी से दीपावली हमारे लिए प्रकाश का प्रतीक पर्व बना हुआ है और हम पीढिय़ों से इस परम्परा का निर्वहन करते आ रहे हैं।

वैसे तो हर पर्व हमें खुशी देता है और हृदय को आनंदित करता है लेकिन सबसे बड़ा पर्व होने के कारण दीपावली (From Darkness to Light) पर हर्ष व आनंद की अनुभूति विशिष्ट होती है। नये वस्त्र, बर्तन, आभूषण घर और वाहन सहित अन्य और कई वस्तुओं की खरीद के लिए लोग साल भर से दीपावली के शुभ मुहूर्त की प्रतिक्षा करते है। इस तरह यह पर्व हमारे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है। यदि हम देश की बात करें तो इसमें कोई शक नहीं कि हमारा भारत अंधकार को चीरते हुए निरंतर प्रकाश की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

अब तो भारत खुद एक प्रकाश पुंज बन रहा है। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद और कोरोना जैसी वैश्विक आपदा का सामना करने के बाद भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही जबकि कई देशों की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी थी। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। भारत इस उपलब्धि को भी शीघ्र हासिल करे और हमारे देश में समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति की कुटिया तक अंजोर पहुंचे तथा 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने में सफल हो।

इसी मंगलकामना के साथ दैनिक नव प्रदेश परिवार की ओर से समस्त पाठकों और देशवासियों को इन पंक्तियों के साथ पावन पर्व दीपावली की कोटिश: शुभकामनाएं। दीप पर्व पर विहंस पड़ी दीपों की लडिय़ां, बार- बार आए जीवन में यह मंगलमय घडिय़ां।

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