छत्तीसगढ़

Heatwave : गर्मी का ऐसा असर कि रोज पेड़ों के नीचे गिर रहे सैकड़ों चमगादड़, लोग बदबू से परेशान

बालोद जिले के दल्लीराजहरा में इन दिनों एक अजीब और परेशान करने वाला नजारा देखने (Heatwave) को मिल रहा है। बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास लगे बड़े पेड़ों के नीचे सुबह होते ही मृत चमगादड़ों का ढेर दिखाई दे रहा है। इलाके से गुजरने वाले लोग रुककर यही पूछ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में रोज मौत कैसे हो रही है। आसपास रहने वाले लोगों में भी डर और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।

दोपहर की तेज गर्मी के बीच इलाके में हालात और खराब हो जाते हैं। पेड़ों से लगातार चमगादड़ नीचे गिरते दिखाई दे रहे हैं। बदबू इतनी ज्यादा फैल रही है कि आसपास रहने वाले लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। लोग लगातार सफाई और राहत की मांग कर रहे हैं लेकिन समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही।

रोज सैकड़ों चमगादड़ों की हो रही मौत : Heatwave

जानकारी के मुताबिक नौतपा के दौरान दल्लीराजहरा के बीएसपी एमव्हीटी सेंटर के पास पेड़ों में रहने वाले करीब 400 से 500 चमगादड़ों की रोजाना मौत हो रही है। मृत चमगादड़ों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे इलाके में परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि नगर में इन दिनों तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है। भीषण गर्मी का असर अब वन्य जीवों पर भी साफ दिखाई देने लगा है।

गर्मी से बचने का कोई सहारा नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि इंसान तो किसी तरह कूलर और दूसरी व्यवस्था कर ले रहे हैं, लेकिन मूक जानवरों के पास बचने का कोई साधन नहीं है। यही वजह है कि पेड़ों में रहने वाले चमगादड़ बड़ी संख्या में दम तोड़ रहे हैं।

इलाके में लाखों चमगादड़ रहते हैं और हर दिन सैकड़ों की संख्या में उनकी मौत होने से आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सड़कों से गुजरने वाले लोगों को भी बदबू का सामना करना पड़ रहा है।

पालिका की कोशिश भी पड़ रही कम

नगर पालिका की टीम मृत चमगादड़ों को हटाने का काम कर रही है, लेकिन संख्या इतनी ज्यादा है कि कई मृत चमगादड़ वहीं पड़े रह जाते हैं। इसी वजह से इलाके में लगातार दुर्गंध फैल (Heatwave) रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। वहीं इस मामले में बीएसपी की ओर से भी कोई बड़ा कदम सामने नहीं आया है।

पर्यावरण प्रेमियों ने जताई चिंता

पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ता तापमान और पेड़ों की कटाई वन्य जीवों के लिए खतरा बनती (Heatwave) जा रही है। पर्यावरण प्रेमी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि चमगादड़ पर्यावरण के लिए काफी जरूरी माने जाते हैं क्योंकि वे कीट नियंत्रण और परागण में मदद करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत को उन्होंने चिंताजनक बताया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में ऐसे हालात और गंभीर हो सकते हैं।

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