Mandir Hasaud Political Clash : जनता की शिकायतों को लेकर सुशासन तिहार मंच पर फिर छिड़ी बहस

आरंग विकासखंड के मंदिर हसौद में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर में उस समय माहौल गरमा गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ मुद्दों को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष ने मंच से अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई। देखते ही देखते चर्चा बहस में बदल गई और कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
जनता की समस्याओं को लेकर जताई नाराजगी
नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी का कहना है कि शिविर में पहुंचे कई नागरिक अपनी शिकायतों के समाधान की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने आम लोगों की समस्याओं को मंच से उठाने का प्रयास किया तो उन्हें बोलने से रोका गया।
उनका दावा है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की आवाज प्रशासन तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल उठाने पर उन्हें मंच छोड़ने के लिए कहना अनुचित व्यवहार की श्रेणी में आता है।
समर्थकों ने जताया विरोध
विवाद के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष के समर्थक भी सक्रिय हो गए और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मामला शांत कराया गया और शिविर की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई।
घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर लोग इसे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी से जोड़कर देख रहे हैं।
कलेक्टर से करेंगे शिकायत
नगर पालिका अध्यक्ष ने संकेत दिए हैं कि वे पूरे मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से करेंगे। उनका कहना है कि जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों को सम्मान मिलना चाहिए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
हालांकि प्रशासन की ओर से इस विवाद को लेकर अभी तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करना था और उसी दिशा में काम किया गया।
381 आवेदन पहुंचे, 78 मामलों का मौके पर समाधान
विवाद के बीच शिविर में जनहित से जुड़े कार्य भी जारी रहे। प्रशासन के अनुसार शिविर में कुल 381 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। कई लोगों को आवश्यक दस्तावेज और योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।
विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को मिला लाभ
शिविर में श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े मामलों का निराकरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 14 हितग्राहियों को लाभान्वित किया, जबकि समाज कल्याण विभाग ने 22 पेंशन प्रकरणों का समाधान किया।
खाद्य विभाग ने 50 राशन कार्ड और 3 उज्ज्वला गैस कनेक्शन वितरित किए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 12 हितग्राहियों को नए मकानों की चाबियां सौंपी गईं। स्वास्थ्य विभाग ने 5 आयुष्मान कार्ड जारी किए और कृषि विभाग ने किसानों को खाद एवं बीज वितरित किए।



