Loktantra Senani Samman Nidhi : छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, अब लोकतंत्र सेनानियों को हर माह मिलेंगे 25 हजार रुपये, मुफ्त चिकित्सा सुविधा भी

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम’ में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए पात्र लोकतंत्र सेनानियों के लिए मासिक सम्मान निधि बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पात्रता संबंधी प्रावधानों को और अधिक व्यापक बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
सरकार के इस फैसले को लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से विभिन्न मीसाबंदी संगठनों द्वारा सम्मान राशि में वृद्धि और सुविधाओं के विस्तार की मांग की जा रही थी, जिस पर अब सरकार ने मुहर लगा दी है।
सम्मान निधि बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह
संशोधित प्रावधानों के तहत अब पात्र लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिमाह 25 हजार रुपये की सम्मान निधि प्रदान की जाएगी। सरकार का कहना है कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों और मूल्यों की रक्षा के लिए जेल जाने वाले लोगों ने कठिन परिस्थितियों में संघर्ष किया था। ऐसे में उनके योगदान का सम्मान करना राज्य की जिम्मेदारी है।
सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई सम्मान राशि से बुजुर्ग लोकतंत्र सेनानियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे अधिक सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकेंगे। यह राशि उनके दैनिक जीवन और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायक होगी।
स्वतंत्रता सेनानियों जैसी चिकित्सा सुविधाएं
सरकार ने केवल आर्थिक सहायता तक ही अपने फैसले को सीमित नहीं रखा है। नए संशोधन के तहत लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समान चिकित्सा सुविधाओं का लाभ भी दिया जाएगा। इसके तहत पात्र हितग्राहियों को चिन्हित सरकारी और निजी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार का मानना है कि बढ़ती उम्र के इस दौर में स्वास्थ्य सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
पात्रता के नियम हुए अधिक उदार
लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम में किए गए संशोधनों के तहत पात्रता संबंधी नियमों को भी पहले की तुलना में अधिक व्यापक और सरल बनाया गया है। कई ऐसे लोग, जो पूर्व में तकनीकी कारणों या नियमों की जटिलताओं के चलते योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, अब नए प्रावधानों के तहत पात्र हो सकेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार नए नियम लागू होने के बाद लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इसके लिए जिला स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है ताकि पात्र लोगों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सम्मान निधि में वृद्धि, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और पात्रता नियमों को सरल बनाने जैसे कदमों से योजना अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनेगी।
राज्य सरकार का कहना है कि यह निर्णय उन लोगों के योगदान को सम्मान देने का प्रयास है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समाज में सम्मान और जागरूकता को और मजबूत करेगी।



