
कभी शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े माने जाने वाले सुकमा जिले के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से नई पहचान बनाई है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर के 32 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वालिफाइंग कटऑफ पार कर जिले का नाम रोशन किया है। इनमें से 13 विद्यार्थियों के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश (NEET-UG 2026) लेने की मजबूत संभावना जताई जा रही है।
आदिवासी और ग्रामीण विद्यार्थियों को मिला बेहतर अवसर
सुकमा जिले के दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से आने वाले इन विद्यार्थियों के लिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद विद्यार्थियों ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत की।
जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘क्षितिज’ जेईई-नीट कोचिंग सेंटर (Kshitij Coaching Center) ने इन विद्यार्थियों को नई दिशा दी। यहां विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग, नियमित मार्गदर्शन और परीक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराया गया।
कोचिंग सेंटर में मिले सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की। इस उपलब्धि पर वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
प्रशासन के प्रयासों से मजबूत हुई शिक्षा व्यवस्था
सुकमा में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे लगातार प्रयासों का परिणाम अब सामने आने लगा है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की विशेष व्यवस्था की गई।
कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर और जिला शिक्षा अधिकारी जीआर मंडावी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया।
प्रशिक्षण प्रदाता संस्था कैंप एकेडमी के अनुभवी शिक्षकों सूरज सिंह, सोनम सिंह, निधि चौहान और राजनीश पटेल ने विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं, विषयवार तैयारी और परीक्षा की रणनीति के माध्यम से तैयार किया।
‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर बना सफलता का माध्यम
‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर (Kshitij Coaching Center) के विद्यार्थियों की इस सफलता ने जिले के अन्य युवाओं में भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर नया उत्साह पैदा किया है।
सफल विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, बेहतर अवसर और लगातार मेहनत के दम पर सुदूर गांवों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।
मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का सपना होगा पूरा
NEET-UG 2026 (NEET-UG 2026) में सफल हुए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में खुशी का माहौल है। इन विद्यार्थियों की सफलता से सुकमा जिले के युवाओं में डॉक्टर बनने के सपने को नई ताकत मिली है।
जिला प्रशासन ने सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। प्रशासन का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।
‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर की यह उपलब्धि सुकमा में शिक्षा के क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बन गई है। यह सफलता बताती है कि अवसर मिलने पर दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी बड़े लक्ष्य हासिल करने की क्षमता रखते हैं।



