रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि नकटी की तोड़फोड़ (Nakti Demolition Case) न केवल अमानवीय और अनैतिक है, बल्कि पूरी तरह गैरकानूनी भी है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान इस तरह की विस्थापन कार्रवाई नियमों और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।
85 मकानों की तोड़फोड़ को बताया गरीब विरोधी फैसला
दीपक बैज ने कहा कि नकटी की तोड़फोड़ (Nakti Demolition Case) में 85 आवासों और प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों को ध्वस्त किया गया, जिससे साय सरकार और भाजपा का गरीब विरोधी चेहरा सामने आया है। उनका आरोप है कि प्रभावित परिवारों को सामान हटाने तक का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और बिना समुचित पुनर्वास के बुलडोजर चला दिया गया।
बारिश में विस्थापन को बताया नियमों के खिलाफ
उन्होंने कहा कि सामान्यतः मानसून शुरू होने के बाद विस्थापन और सीमांकन जैसी कार्रवाइयां नहीं की जातीं। छत्तीसगढ़ में 10 से 15 जून के बीच मानसून आने के बाद ऐसी कार्रवाई से बचा जाता है, जबकि नकटी गांव में 29 जून को तोड़फोड़ की गई। कांग्रेस ने इस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती तो पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
पुनर्वास व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस का आरोप है कि प्रभावित परिवारों को जिस स्थान पर बसाया जा रहा है, वह उनके वर्तमान निवास से काफी दूर है। एक कमरे के आवास में 20 से 25 सदस्यीय परिवारों को बसाने की व्यवस्था की जा रही है, जहां बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
दीपक बैज ने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए अस्थायी आवंटन पत्रों में 5.50 लाख और 8.50 लाख रुपये मूल्य के मकानों का उल्लेख है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इनकी राशि कौन देगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि लोगों का घर तोड़ा गया है तो उन्हें निःशुल्क आवास क्यों नहीं दिया जा रहा।
विधायकों से भी आवास नहीं लेने की अपील
पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रस्तावित विधायक आवास लेने से इनकार कर दिया है। अनुसूचित जाति वर्ग की विधायक चातुरी नंद ने भी ऐसे आवास में रहने से मना किया है, जो गरीबों के उजड़े घरों की जमीन पर बनाया जा रहा है।
कांग्रेस ने भाजपा विधायकों से भी अपील की कि वे भी इस कॉलोनी में आवास स्वीकार न करें। बैज ने कहा कि सरकार के पास नया रायपुर में हजारों एकड़ खाली जमीन उपलब्ध है, जहां विधायक कॉलोनी बनाई जा सकती है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने नकटी की तोड़फोड़ (Nakti Demolition Case) को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखीं-
तोड़े गए मकानों का उसी स्थान पर पुनर्निर्माण कराया जाए।
प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें।
पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री सकलेन कामदार, पूर्व विधायक अनीता शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, राजेंद्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, वंदना राजपूत, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह और प्रवक्ता अजय गंगवानी भी उपस्थित रहे।



