Dongargarh Katghora Rail Line : वर्षों के इंतजार के बाद नई रेल लाइन को मिली रफ्तार, संशोधित लागत पर बनी सहमति
राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित डोंगरगढ़ कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना को आखिरकार बड़ी प्रशासनिक मंजूरी मिल (Dongargarh Katghora Rail Line) गई है। लंबे समय से अटकी इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहमति बनने के बाद क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगी है।
नई दिल्ली स्थित रेल भवन में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संयुक्त बैठक में परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी देने पर सहमति बनी। बैठक में सांसद संतोष पांडे और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहे।

6947 करोड़ रुपये की संशोधित लागत पर सहमति Dongargarh Katghora Rail Line
सांसद संतोष पांडे ने बताया कि इस रेल परियोजना को वर्ष 2018 में मंजूरी मिली थी, लेकिन विभिन्न कारणों और राजनीतिक बदलाव के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। उस समय परियोजना की अनुमानित लागत 4821 करोड़ रुपये थी।
बाद में बिलासपुर रेलवे जोन ने लागत का पुनरीक्षण कर 6947 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा। अब रेल मंत्रालय और राज्य सरकार की बैठक में इस संशोधित लागत पर सहमति बन गई है।
कई जिलों को मिलेगा सीधा रेल संपर्क
नई रेल लाइन बनने से खैरागढ़, छुईखदान, कवर्धा और पंडरिया सहित कई क्षेत्रों को पहली बार सीधा रेल संपर्क मिलेगा। इससे यात्रियों के साथ व्यापार और आवागमन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्य रेल मार्ग पर भी कम होगा दबाव Dongargarh Katghora Rail Line
परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही इस नए रेल कॉरिडोर से क्षेत्रीय विकास और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
प्रस्तावित स्टेशन
इस रेल लाइन पर बेलगांव, घोघेडबरी, प्रकाशपुर, खैरागढ़, छुईखदान, मुरई, गंडई, जंगलपुर, धनगांव, धनेली, कवर्धा, बोरदुली, सोमनापुर, कंवलपुर, मुंगेली, कोसमा, तखतपुर, खम्हरिया, गनियारी, लामेर, रतनपुर, नेवसा, बेलतरा, करतला और जमानीमुड़ा सहित कई स्टेशन (Dongargarh Katghora Rail Line) प्रस्तावित हैं।



