छत्तीसगढ़

Marwahi Bear Heatstroke Death : भीषण गर्मी और लू से मादा भालू की मौत, पिपरिया के जंगल में मिला शव

मरवाही वनमंडल में जारी भीषण गर्मी और लू का जानलेवा असर अब बेजुबान वन्यजीवों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मरवाही रेंज के पिपरिया गांव से लगे जंगल में एक मादा भालू की मौत का बेहद दुखद मामला सामने आया है। वन विभाग ने घटना की प्रारंभिक जांच और डॉक्टरों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम के आधार पर भालू की मौत की मुख्य वजह हीट स्ट्रोक (लू लगना) और इलाके में पड़ रही अत्यधिक गर्मी को बताया है।

जानकारी के मुताबिक, जंगल गए ग्रामीणों ने सबसे पहले भालू का शव देखा और इसकी सूचना तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को दी। खबर मिलते ही वन अमले की टीम फौरन मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू की। मृत मादा भालू की उम्र लगभग पांच वर्ष के आसपास बताई जा रही है।

एसडीओ की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार

मरवाही वनमंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अत्यधिक तापमान और लू की चपेट में आने के कारण ही भालू ने दम तोड़ा है। वन विभाग द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार करने सहित सभी जरूरी वैधानिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) की प्रत्यक्ष उपस्थिति में नियमों के तहत मादा भालू का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

जंगलों में जलस्रोतों को भरने के निर्देश, विभाग ने जारी किया अलर्ट

इस घटना के बाद वन विभाग ने पूरे मरवाही वनमंडल क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और सेहत को लेकर अलर्ट जारी करते हुए सतर्कता काफी बढ़ा दी है। जंगलों के भीतर स्थित प्राकृतिक और कृत्रिम जलस्रोतों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही वन्यजीवों को पानी की कमी न हो, इसके लिए सभी वाटर होल्स में पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे पारे को देखते हुए वन्यजीवों को इस जानलेवा गर्मी से बचाने के लिए विशेष प्रबंधन किए जा रहे हैं।

वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों और आम जनता से भी यह अपील की है कि यदि जंगलों या रिहायशी इलाकों के आसपास किसी भी वन्यजीव का व्यवहार असामान्य दिखाई दे, या वह संकट की स्थिति में नजर आए, तो इसकी तत्काल सूचना वन विभाग को दें, ताकि समय रहते उसकी जान बचाई जा सके।

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