छत्तीसगढ़

Mahadev App Scam : महादेव एप मामले में CBI ने दाखिल की छह नई चार्जशीट, सौरभ चंद्राकर-रवि उप्पल के खिलाफ भी जुटाए नए सबूत

नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह नई चार्जशीट अदालत में पेश की हैं। इन चार्जशीट में छह प्रमुख आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। साथ ही महादेव ऐप के कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी नए पूरक साक्ष्य (सप्लीमेंट्री एविडेंस) पेश किए गए हैं। दोनों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

छह प्रमुख आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र

सीबीआई ने जिन छह आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें आशिम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपारिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा शामिल हैं। एजेंसी ने इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इन सभी की भूमिका महादेव ऐप नेटवर्क के संचालन और अवैध गतिविधियों में सामने आई है।

66 अन्य आरोपितों पर भी पांच चार्जशीट

मुख्य चार्जशीट के अलावा सीबीआई ने 66 अन्य आरोपितों के खिलाफ पांच अलग-अलग चार्जशीट भी दाखिल की हैं। इनमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कई संचालकों के नाम शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार ये लोग अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन को विभिन्न माध्यमों से इकट्ठा करने, उसे फर्जी बैंक खातों के जरिए खपाने और विदेश भेजने के नेटवर्क का हिस्सा थे। इन मामलों में भारतीय दंड संहिता के साथ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

देशभर में फैला था ऑनलाइन बेटिंग का नेटवर्क

सीबीआई जांच में सामने आया है कि महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट में शामिल रहा है। जांच के मुताबिक सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग बेटिंग पैनल संचालित किए गए और फर्जी बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन को अंजाम दिया गया। एजेंसी का दावा है कि अवैध कमाई का एक हिस्सा कथित तौर पर संरक्षण और रिश्वत के रूप में भी इस्तेमाल किया गया।

विदेश में बैठे आरोपितों पर शिकंजा कसने की तैयारी

जांच एजेंसी के अनुसार महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल कई वर्ष पहले भारत छोड़कर पश्चिम एशिया में बस गए थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। दोनों समेत चार प्रमुख आरोपितों के खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस पहले से जारी है। साथ ही उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की गई है, ताकि उनकी संपत्तियों को जब्त किया जा सके।

जांच अभी जारी, और चार्जशीट होंगी दाखिल

सीबीआई का कहना है कि महादेव ऐप मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन, राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक जैसे-जैसे नए तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, मामले में आगे भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएंगी। इससे महादेव ऐप घोटाले से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।

Related Articles

Back to top button