छत्तीसगढ़

Korba Crime News: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, दोषियों को 20 साल की कैद

Korba Crime News: कोरबा। अपने मसूबे में असफल होने पर चार बदमाश मौके की तलाश में थे। वे मौका मिलते ही मार्ग से गुजर रही नाबालिग को गड्ढे में ले गए, जहां बदमाशों ने दुष्कर्म को अंजाम दे दिया। हद तो तब हो गई, जब पीड़ित परिवार को पुलिस से मदद नहीं मिली।

मामला आला अफसरों के संज्ञान में आने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। मामले में करीब साढ़े तीन साल तक चली सुनवाई के बाद दोषियों को 20 सश्रम कारावास व अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह फैसला जिला व अपर सत्र न्यायालय एफटीएससी कटघोरा के न्यायालय ने दिया है। विशेष लोक अभियोजक कटघोरा शोधन राम देवांगन के मुताबिक पाली क्षेत्र निवासी राजवीर यादव 19 वर्ष व सचिन यादव 23 वर्ष पीड़िता के घर जा घुसे। इस दौरान हादसे में गंभीर रूप से घायल नाबालिग का पिता घर में था। उसकी मां एक अन्य कमरे में आराम कर रही थी, जबकि भाई बस्ती में ही कहीं गया हुआ था। नशे में धुत युवकों ने बीमार पिता के सामने ही नाबालिग से छेड़छाड़ शुरू कर दी। उसकी चीख पुकार सुनकर मां व भाई घर पहुंचे। उन्हें देखते ही दोनों मौके से भाग निकले। घटना के बाद आरोपी मौके की तलाश में थे। 7 मार्च 2023 को नाबालिग कहीं जा रही थी। इसी दौरान सुनील यादव व उसके बड़े भाई के अलावा राजवीर यादव तथा सचिन ने नाबालिग का रास्ता रोक लिया। वे नाबालिग को मुख्यमार्ग से मुख्यमार्ग से दूर गड्‌ढे में ले गए, जहां चारों ने दुष्कर्म को अंजाम दे दिया। घटना के दौरान पीड़िता के परिजन जेल में निरूद्ध थे। वे जेल से रिहा होने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने थाना पहुंचे, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जिससे हताश परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस कप्तान की दखलंदाजी के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। मामले की विवेचना निरीक्षक अभिनवकांत सिंह की देखरेख में पूरी की गई। इसके साथ ही दो आरोपी राजवीर व सचिन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। मामले की सुनवाई जिला व अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी कटघोरा श्रद्धा शुक्ला शर्मा के न्यायालय में चल रही थी। सुनवाई के दौरान आरोपियो के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य व सबूत पेश किया गया, जिससे आरोपियों के खिलाफ दोषसिद्ध हो गया। कोर्ट ने दोषियों को धारा 354-34 में तीन साल कैद व 5 सौ जुर्माना तथा धारा 376 (डी)-34 में 20 साल सश्रम कारावास व 2-2 हजार अर्थदंड से दंडित किया है। दोषियों को अर्थदंड अदा नही करने पर अत्तिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। मामले में अभी भी दो आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश नहीं कर सकी है।

झूठा प्रकरण दर्ज कर भेजे गए थे जेल

बताया जा रहा है कि पीड़िता और उसका भाई रिपोर्ट दर्ज कराने पाली थाना पहुंचे थे। इसी दौरान सुनील और उसके परिजन भी थाना पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में पीड़िता के भाई से मारपीट शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव किया। मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय पीड़िता के भाई को ही हत्या के प्रयास की धारा के तहत जेल दाखिल करा दिया गया था।

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