छत्तीसगढ़

Cyclone in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में चक्रवात का असर : रायपुर में छाए बादल, चल रही तेज हवाएं, बस्तर में बाढ़ का अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान (Cyclone in Chhattisgarh) ‘अर्नब के संभावित प्रभाव को लेकर मौसम का मिजाज बदलने लगा है। राजधानी रायपुर में आसमान पर बादल छाए हुए हैं और हवाएं चल रही हैं। वहीं, प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बस्तर में बाढ़ से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जबकि दंतेवाड़ा जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूलों में 27 अक्टूबर को एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 27 से 29 अक्टूबर के दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात के पहुंचने की आशंका है। इसके संभावित प्रभाव से छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्रों में मौसम बिगड़ सकता है। हालात को देखते हुए जिला कलेक्टरों को विशेष सतर्कता बरतने और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

रायपुर में बदला मौसम, आसमान पर छाए बादल

राजधानी रायपुर में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। आसमान में बादल छाए हैं और हवाएं चल रही हैं। चक्रवात (Cyclone in Chhattisgarh) के संभावित प्रभाव के बीच मौसम की गतिविधियों पर लोगों की नजर बनी हुई है। हालांकि, रायपुर में बारिश की स्थिति और इसकी तीव्रता को लेकर मौसम विभाग के आधिकारिक पूर्वानुमान पर ध्यान देना जरूरी है।

बस्तर में 24 घंटे निगरानी, बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय

चक्रवात(Cyclone in Chhattisgarh) के प्रभाव से भारी बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जगदलपुर सहित बस्तर जिले में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कार्यालय में विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जो 26 से 31 अक्टूबर तक चौबीसों घंटे संचालित रहेगा। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की चार पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। टीम केंद्रीय जल आयोग के संपर्क में रहकर इंद्रावती नदी के जलस्तर और जिले में हो रही बारिश पर लगातार नजर रखेगी।

13 नोडल अधिकारी तैनात, संवेदनशील गांवों पर नजर

बस्तर कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन के लिए जिले में 13 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। इंद्रावती, मार्कण्डी और नारंगी नदियों के किनारे बसे गांवों तथा निचले इलाकों को विशेष निगरानी में रखा गया है। जगदलपुर, बकावण्ड, लोहण्डीगुड़ा और बस्तर तहसील के संवेदनशील क्षेत्रों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।

18 से अधिक राहत शिविर तैयार, बचाव दल अलर्ट

बाढ़ या जलभराव की स्थिति बनने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 18 से अधिक स्कूल भवनों, सामाजिक भवनों, मंगल भवनों और धर्मशालाओं को राहत शिविर के रूप में तैयार रखा गया है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नगर सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी तैयार किया जा रहा है।

दंतेवाड़ा में स्कूल बंद, लोगों से सतर्क रहने की अपील

चक्रवात (Cyclone in Chhattisgarh) की चेतावनी के मद्देनजर दंतेवाड़ा जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूलों में आज, 27 अक्टूबर को एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों और किसानों को जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर जाएं। राजधानी रायपुर में बदले मौसम के मिजाज से लेकर बस्तर में बाढ़ की तैयारियों तक, पूरे प्रदेश में चक्रवात के संभावित प्रभाव को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से अहम रहेंगे।

चक्रवात ‘अर्नब : खतरा और तैयारियां

  • 28-29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका।
  • 12 जिले अति संवेदनशील घोषित, प्रशासन अलर्ट पर।
  • 1,769 गांव बाढ़ और जलभराव की आशंका को लेकर चिह्नित।
  • 763 गांव अकेले 12 अति संवेदनशील जिलों में।
  • 779 राहत शिविर तैयार, करीब एक लाख लोगों को ठहराने की क्षमता।
  • 341 राहत शिविर अति संवेदनशील जिलों में, अन्य जिलों में 438 शिविर।
  • 7 एसडीआरएफ टीमें तैयार, प्रत्येक में 36 जवान।
  • 828 प्रशिक्षित जवान और 3,895 आपदा मित्र बचाव कार्यों के लिए तैयार।
  • दंतेवाड़ा में स्कूलों की छुट्टी, अन्य जिलों में भी सतर्कता।
  • 2 से 4 दिन धान और अन्य फसलों की कटाई रोकने की किसानों को सलाह।
  • इंद्रावती, शबरी और गोदावरी नदियों के जलस्तर की विशेष निगरानी।
  • हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की भी तैयारी, रायपुर और बस्तर के बेस से समन्वय।
  • 1070 हेल्पलाइन आपातकालीन सहायता के लिए सक्रिय।

देश में चक्रवात का असर

  • 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से चक्रवात के टकराने की आशंका।
  • 48 हजार लोगों को ओडिशा में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी।
  • 294 बचाव दल ओडिशा में राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैनात।
  • 8 जिलों में स्कूल बंद, 1,735 स्थायी और अस्थायी आश्रय स्थलों की व्यवस्था।
  • विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा की उड़ानों के यात्रियों के लिए एयर इंडिया की एडवाइजरी।

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