Karhi Firing : करही में रात के सन्नाटे में चली गोलियां, एक महीने बाद पुलिस ने खोला हत्या का राज

रिपोर्टर – साहिल राज लहरे
जांजगीर-चांपा जिले के करही गांव में हुए चर्चित गोलीकांड का खुलासा होने के बाद इलाके में फिर हलचल (Karhi Firing) तेज हो गई है। पिछले एक महीने से गांव में डर और तनाव का माहौल बना हुआ था। लोग लगातार इस बात की चर्चा कर रहे थे कि आखिर घर में घुसकर गोली चलाने वाले कौन थे। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की कई परतें खुलकर सामने आई हैं।
विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पुरानी उधारी, बढ़ते कारोबार और इलाके में बढ़ते प्रभाव को लेकर आरोपियों के मन में नाराजगी थी। इसी रंजिश और जलन ने इस सनसनीखेज वारदात को जन्म दिया।
घर में घुसकर की गई थी हत्या : Karhi Firing
घटना 23 और 24 अप्रैल 2026 की रात की बताई गई है। पुलिस के अनुसार तीन नकाबपोश युवक करही गांव में आयुष कश्यप के घर पहुंचे थे। आरोपियों ने पहले घर के बाहर और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी, फिर अंदर घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में आयुष कश्यप की मौत हो गई थी, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हुआ था।
पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी
घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई गई और गांव में पुलिस कैंप भी लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने सात राज्यों तक दबिश दी और दो सौ से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
ऑपरेशन हंट बना बड़ा मोड़
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने मामले की समीक्षा के बाद विशेष अभियान (Karhi Firing) शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पहले भी अवैध हथियार देखा गया था। इसके बाद पूछताछ और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उधारी के पैसों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपियों को मृतक की आर्थिक प्रगति और इलाके में बढ़ते प्रभाव से भी जलन थी। कारोबार में प्रतिस्पर्धा को लेकर भी मनमुटाव बढ़ता गया और आखिरकार हत्या की साजिश तैयार की गई।
वारदात से पहले तोड़ा गया कैमरा
जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाली रात आरोपियों के सहयोगियों ने पहले सीसीटीवी कैमरा तोड़ा। इसके बाद आरोपियों ने घर में घुसकर मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। फिर सीधे आयुष कश्यप के कमरे में जाकर फायरिंग की गई। बीच बचाव करने पहुंचे छोटे भाई को भी गोली मार दी गई।
हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त खाली मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद (Karhi Firing) की है। गिरफ्तार आरोपियों में हेमंत कुमार बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन शामिल हैं। पुलिस अब अन्य सहयोगियों और मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी हुई है।



