Fake Facebook ID : सरगुजा एसएसपी के नाम से फर्जी फेसबुक आइडी, लोगों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर
सरगुजा पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के नाम से फर्जी फेसबुक आइडी (Fake Facebook ID) बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने का मामला सामने आया है। फर्जी आइडी से कई लोगों को जोड़ने के बाद उनसे मोबाइल नंबर भी मांगे जा रहे हैं। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने स्वयं इसकी शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सेल (Cyber Crime) ने जांच शुरू कर दी है, जबकि संबंधित इंटरनेट मीडिया कंपनी को भी इसकी सूचना भेजी गई है।
72 लोगों को भेजी गई फ्रेंड रिक्वेस्ट
जानकारी के अनुसार फर्जी आइडी की प्रोफाइल फोटो में पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल की तस्वीर लगाई गई है। अब तक इस फर्जी आइडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट (Fake Social Media Account) भेजकर 72 लोगों को जोड़ा जा चुका है। इसके बाद कई लोगों से उनके मोबाइल नंबर मांगे गए। संदेह होने पर कुछ लोगों ने सीधे पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर इसकी जानकारी दी।
शिकायत के बाद साइबर सेल ने शुरू की जांच
पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर जांच (Cyber Investigation) शुरू कर दी गई है। साथ ही संबंधित इंटरनेट मीडिया कंपनी को भी फर्जी आइडी की जानकारी देकर उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी आइडी किसने बनाई और इसके पीछे क्या उद्देश्य है।
पहले भी अधिकारियों के नाम से हो चुकी है ठगी की कोशिश
सरगुजा संभाग में यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2024 में तत्कालीन सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर के नाम से फर्जी वाट्सएप खाता बनाकर लोगों को संदेश भेजे गए थे। शिकायत के बाद संबंधित कंपनी ने उस खाते को बंद कर दिया था। इसी तरह बलरामपुर के तत्कालीन कलेक्टर रिमिजियुस एक्का के नाम से भी विदेशी नंबरों से फर्जी वाट्सएप खाता बनाकर कर्मचारियों और आम लोगों से रुपये मांगने की कोशिश की गई थी।
फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदेश की पहले करें पुष्टि
पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी (Cyber Fraud) से बचने के लिए किसी भी अधिकारी के नाम से आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट, संदेश या फोन कॉल पर तुरंत भरोसा न करें। पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल को इसकी सूचना दें।



